'जैसा परफॉर्मेन्स, वैसा पैसा', रोहित-कोहली सहित दिग्गजों की ढीली होगी जेब! BCCI जल्द ले सकती है बड़ा फैसला
BCCI On Indian Players: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन को लेकर चर्चाएं जोरों पर है। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली सहित कई दिग्गज खिलाड़ी इस हार के बाद सवालों के घेरे में है। भारत को अब इंग्लैंड सीरीज के बाद आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेना है। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से पहले भारतीय टीम अपनी कमजोरियों पर काम करना चाहेगी।
मीटिंग में कई मुद्दों पर हुई बात (BCCI On Indian Players)
बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में खराब प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस को लेकर रिव्यू किया गया। इस मीटिंग के तहत बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाने की वजहों की जांच की गई। इस मीटिंग में कप्तान रोहित शर्मा, हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर भी मौजूद रहे। इस दौरान कई मुद्दों पर गहन विचार किया गया, इसमें से एक खिलाड़ियों को मिलने वाले पैसा भी रहा।

'जैसा प्रदर्शन, वैसा पैसा'
बीसीसीआई जल्द ही एक बड़ा फैसला ले सकती है जिसके तहत खिलाड़ियों को पैसा उनके परफॉर्मेंस के आधार पर दिया जाएगा। लेकिन इसे लागू करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण पहलू ध्यान में रखने होंगे। क्रिकेट एक टीम खेल है, जहां हर खिलाड़ी का योगदान अलग-अलग प्रकार से होता है। कभी-कभी खराब प्रदर्शन व्यक्तिगत कारणों के बजाय टीम के सामूहिक प्रयासों की कमी के कारण भी हो सकता है।
नियम लागू करने से पहले कुछ बातों का रखना होगा ध्यान
उदाहरण के लिए बल्लेबाजों का फेल होना बॉलरों की कमजोरी या पिच की स्थिति के कारण हो सकता है। इसके अलावा खिलाड़ियों पर आर्थिक दबाव डालने से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है, जिससे प्रदर्शन पर उल्टा असर भी हो सकता है। इसलिए, यह जरूरी है कि इस तरह के मॉडल को लागू करते वक्त खिलाड़ी की स्थिति, टीम की सामूहिक भूमिका और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखा जाए।
परफॉर्म नहीं करने पर कट जाएंगे पैसे
अगर कोई खिलाड़ी अपनी भूमिका में अच्छे से परफॉर्म नहीं करता है तो उसकी मेहनताने में कटौती करना एक सकारात्मक कदम भी हो सकता है। यह उसी तरह है जैसे किसी दफ्तर में कर्मचारियों के प्रदर्शन के आधार पर उनका वेतन तय किया जाता है। अगर कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाते या उनकी कार्यक्षमता में कमी आती है, तो कंपनी उनकी सैलरी में कटौती कर सकती है। इसी तरह खेल जगत में भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए उनकी कमाई पर असर डालना न्यायसंगत हो सकता है।
टेस्ट क्रिकेट में बीसीसीआई ने लागू किया था ये नियम
रिपोर्ट के मुताबिक परफॉर्मेन्स बेस्ड इनकम सिस्टम पिछले साल टेस्ट क्रिकेट की ओर खिलाड़ियों को आकर्षित करने के लिए BCCI द्वारा पेश किए गए इन्सेन्टिव सिस्टम जैसा हो सकता है। इस सिस्टम के तहत यदि कोई खिलाड़ी सीजन के 50 प्रतिशत टेस्ट मैचों की प्लेइंग इलेवन में शामिल रहता है, तो उसे प्रति मैच 30 लाख रुपये का इन्सेन्टिव मिलेगा। वहीं, अगर खिलाड़ी सीजन के 75 प्रतिशत मैचों में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होता है, तो उसे 45 लाख रुपये का इन्सेन्टिव मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य खिलाड़ियों को और अधिक प्रेरित करना और टेस्ट क्रिकेट की तरफ उनका रुझान बढ़ाना है।












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