Rohit Sharma: दुनिया के टॉप गेंदबाजों की ऐसी धुनाई कि सहम गए कंगारू
स्पोर्ट्स डेस्क, 24 सितंबर: रोहित शर्मा जब लय में खेल रहे हों तब उनकी बैटिंग मंत्रमुग्ध कर देने वाली होती है। गेंद उनके बल्ले से ऐसे टकराती है जैसे किसी ने तबले पर थाप दी हो। इस 'रन संगीत’ में दर्शक सुध-बुध खो बैठते हैं। वे ताकत नहीं नजाकत से छक्का मारते हैं। बल्ला ऐसे चलता जैसे कोई छुरी मक्खन के बीच से गुजर रही हो। सुकून के साथ ऐसी विध्वंसक बल्लेबाजी शायद ही कोई करता है। वे व्हाइट बॉल क्रिकेट के सबसे बड़े इंटरटेनर हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर में आखिरकार उनका बल्ला बोला। रोहित ने पहले ही ओवर में दुनिया के नम्बर एक (टी-20) गेंदबाज जोश हेजलवुड को दो छक्के मार कर इरादे जाहिर कर दिये थे। राहुल ने भी एक छक्का जड़ा। हेजलवुड के पहले ओवर में 20 रन बने। शुक्रवार को रोहित ने अपनी आतिशी बल्लेबाजी का दिलकश नजारा पेश किया। तमाम गिले- शिकवे दूर कर दिये।

स्पेशल हैं रोहित
रोहित शर्मा स्पेशल खिलाड़ी हैं। चूंकि ये मैच केवल 8 ओवरों का था और ऑस्ट्रेलिया ने 91 रनों का टारगेट दिया था। इसलिए रोहित को कुछ स्पेशल करना था। उन्होंने किया भी। मैच को अपने कंधों पर उठाया और जीत की मंजिल पर पहुंचा कर दम लिया। 8 ओवर तक टिके और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की बखिया उधेड़ कर रख दी। 20 गेंदों में 46 रन। चार चौके और चार छक्के। जोश हेजलवुड की ऐसी पिटाई हुई कि फिंच ने उन्हें डर से दूसरा ओवर ही नहीं दिया। रोहित की ऐसी बल्लेबाजी देखने के लिए आंखें तरस गयीं थीं। उनके खौफ से डरे हुए कंगारुओं को देखना एक सुखद अनुभूति थी। टेस्ट टीम के कप्तान पैट कमिंस की भी धुनाई हुई। उनके दो ओवर में 23 रन बने। रोहित ने कमिंस पर भी एक छक्का ठोका था। दुनिया के दो बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ उनकी यह पारी यादगार है।

सही समय पर लय में आये रोहित
इस साल आइपीएल से ही उनकी बल्लेबाजी पर ग्रहण लगा हुआ है। 14 मैच खेल कर केवल 268 रन बनाये थे। इसकी वजह से पांच खिताब जीतने वाली मुम्बई इंडियंस सबसे आखिरी पायदान पर रही थी। भारतीय टीम का कप्तान बनने के बाद रोहित की जीत का प्रतिशत तो बढ़ा है लेकिन वे खुद रन नहीं बना पा रहे थे। इसके पहले 18 टी-20 मैचों में उन्होंने केवल दो अर्धशतक लगाये थे। 25.52 की साधारण औसत से रन बना रहे थे। चिंता वाजिब थी। रोहित ने 32 टी-20 मैचों में कप्तानी की थी जिसमें से 27 जीते थे। जीत का यह प्रतिशत शानदार था। लेकिन एशिया कप में पाकिस्तान और श्रीलंका से हारने के बाद ये सारे लुभावने आंकड़े फीके पड़ गये थे। लेकिन रोहित को अपनी क्षमता पर भरोसा था। नागपुर में उन्होंने अपने आलोचकों का करारा जवाब दिया। उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि वे बड़े-बड़े गेंदबाजों को भी दिन में तारे दिखा सकते हैं।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोहित की एक और विस्फोटक पारी
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रोहित ने छह साल पहले भी एक विस्फोटक पारी खेली थी। 2016 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज का दूसरा टी-20 मैच खेला गया था। तब रोहित ने 60 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी। वे दुर्भाग्य से रन आउट गये थे वर्ना उस दिन वे कोई रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन कर सकते थे। 47 गेंदों पर 60 रन बनाये थे जिसमें 5 चौके और दो छक्के शामिल थे। उन्होंने तेज गेंदबाज जेम्स फॉकनर के पांचवें ओवर में तीन चौके जड़े थे। इस मैच में शिखर धवन (42) और विराट कोहली ( 59) ने बी अच्छी बल्लेबाजी की थी जिसके दम पर भारत ने 20 ओंवरों में 184 रन बनाये थे। उस समय भी ऑस्ट्रेलियाई टीम में एरोन फिंच और मैथ्यू वेड शामिल थे। हालांकि फिंच ने 74 रन बनाये थे लेकिन वे टीम को जीत नहीं दिला सके थे। बाकी बल्लेबाज भारत की कसी हुई गेंदबाजी के सामने खुल कर नहीं खेल सके। उनकी पारी 157/8 पर थम गयी। भारत ने 27 रनों से यह मैच जीत लिया था।












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