सिडनी टेस्ट में मेरे लिए 'खलनायक' साबित हुआ था भारत का ही ये सीनियर बल्लेबाज, पंत ने किया खुलासा

नई दिल्ली, 17 जून: ऋषभ पंत को हम ऑस्ट्रेलिया में सिडनी और गाबा में खेली गई पारियों के लिए याद करते हैं। उन बेहतरीन पारियों के बाद पंत का कैरियर इतना आगे बढ़ा कि वह आज भारतीय क्रिकेट टीम की अस्थाई तौर पर कमान भी संभाल रहे हैं। पंत तीनों फॉर्मेट के भरोसेमंद खिलाड़ी बन गए और अब उनको कोई हल्के में नहीं लेता है। भारतीय क्रिकेट टीम ने उन दो मैचों में जो करके दिखाया वह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में बहुत कम ही टीमें कर पाई हैं।

चेतेश्वर पुजारा पर गुस्सा किया

चेतेश्वर पुजारा पर गुस्सा किया

पंत ने सिडनी टेस्ट मुकाबले में बहुत मुश्किल परिस्थितियों में एक तेज पारी खेल कर दी थी और भारत को मैच में वापस लाने में भी अहम भूमिका अदा की थी पर वह अपने शतक से चूक गए थे जिसके लिए उन्होंने चेतेश्वर पुजारा पर गुस्सा भी किया था। पंत ने इस बात का खुलासा अब जाकर किया है कि उन्होंने सिडनी टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा पर गुस्सा दिखाया था। भारत को उस मुकाबले में जीत के लिए 407 रनों के लक्ष्य का पीछा करना था और रोहित शर्मा, पुजारा, पंत, रविचंद्रन अश्विन व हनुमा विहारी के प्रयासों के दम पर भारत यह मैच बचाने में कामयाब रहा और खुद को सीरीज में भी बनाए रखा।

 बिना मांगी सलाह देनी शुरू कर दी

बिना मांगी सलाह देनी शुरू कर दी

जो भी लोग इस मुकाबले को याद करते हैं तो अश्विन और हनुमा विहारी की भागीदारी की बात होती है। लेकिन यह पुजारा और पंत के बीच हुई 148 रनों की साझेदारी थी जिसने भारत को मजबूत स्थिति में रखा था। पुजारा ने 205 गेंदों पर 70 रन बनाए थे और पंत ने 97 रनों की पारी खेली थी। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान बन चुके पंत ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में हुए उस टेस्ट मैच के दौरान आउट होने का भी खुलासा किया। पंत ने बताया कि पुजारा ने उनको बिना मांगी सलाह देनी शुरू कर दी थी।

मेरे दो विचार हो गए तो मुझे गुस्सा आ गया

मेरे दो विचार हो गए तो मुझे गुस्सा आ गया

पुजारा कहने लगे थे कि वह अपने शतक के करीब पहुंच रहे हैं, इसीलिए बड़े शॉट ना लगाएं। हालांकि इस चक्कर में यह विकेटकीपर बल्लेबाज कंफ्यूज हो गया और इसने उनको ऐतिहासिक शतक लगाने से चूकने में एक रोल निभाया। उस दौरान हुई बातचीत को याद कर पंत बताते हैं कि, पुजारा ने मुझसे कहा, 'क्रीज पर टिके रहो। आप एक या दो रन बनाने पर काम कर सकते हो। आपको चौके लगाने की जरूरत नहीं है।' जब इस वजह से मेरे दो विचार हो गए तो मुझे गुस्सा आ गया।

यह क्या हो गया?

यह क्या हो गया?

'क्योंकि जब मेरा प्लान क्लियर होता है तो मुझे अच्छा लगता है और मैं यही कहना चाहता हूं। हमने इतनी बढ़िया लय बनाई थी। मेरे दिमाग में केवल यह चीज चल रही थी कि यह क्या हो गया? क्योंकि अगर मैं वहां पर शतक बनाता तो वह मेरे सबसे बेहतरीन में से एक होता। उस मुकाबले में अजिंक्य रहाणे भारतीय टीम के कप्तान थे और उन्होंने भी पंत की बात पर पुष्टि की है।

वह कुछ नहीं कहते तो शायद शतक पूरा कर चुका होता

वह कुछ नहीं कहते तो शायद शतक पूरा कर चुका होता

रहाणे ने कहा पुजारा दूसरे छोर पर पंत को धीमा खेलने के लिए कह रहे थे। हम बाद में भी रन बना सकते थे। जब आपको कोई अनुभवी खिलाड़ी ऐसा कहता है कि आप अच्छा खेल रहे हो लेकिन अभी आप 97 रनों पर हो, तो ऐसे में आपको थोड़ा संभल कर खेलना चाहिए, ताकि आप अपने 100 बना सको। पुजारा पंत को सपोर्ट ही कर रहे थे लेकिन दुर्भाग्य से वह आउट हो गया। जब वह अंदर आया तो वह निराश और गुस्से में था और उसने कहा, 'पुजारा भाई आए और उन्होंने मुझे बताया कि मैं 97 रनों पर खेल रहा हूं। मुझे इसके बारे में पता भी नहीं था। अगर वह ऐसा कुछ नहीं कहते तो शायद आज मैं अपना शतक पूरा भी कर चुका होता।'

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