PCB चीफ नजम सेठी ने बुलाई ACC की इमरजेंसी मीटिंग, जय शाह के 'मनमाने' रुख पर होगी बात
पीसीबी चीफ नजम सेठी ने आरोप लगाया है कि कुछ समय के लिए कोई एसीसी बोर्ड की बैठक नहीं हुई है और बहुत सारे निर्णय किए जा रहे थे और उनमें से एक को हमने चुनौती दी है।

पाकिस्तान और भारतीय क्रिकेट बोर्ड में इस बात को लेकर काफी विवाद हुआ था कि एशिया कप की जगह क्या होनी चाहिए। एशियाई क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के प्रमुख और बीसीसीआई सचिव जय शाह ने कहा था कि एशिया कप में खेलने के लिए टीम इंडिया पाकिस्तान नहीं जाएगी बल्कि ये प्रतियोगिता न्यूट्रल जगह पर होगी जिसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की ओर सख्त ऐतराज जताया गया। अब पीसीबी के नए अध्यक्ष नजम सेठी के अनुरोध के बाद एसीसी ने 4 फरवरी को बहरीन में आपात बैठक बुलाई है।
पीसीबी और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) बहरीन में एक दूसरे के प्रति जो असहमित हो रही है उसके लिए मिलेंगे। सेठी ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो के हवाले से कहा, "कुछ समय के लिए कोई एसीसी बोर्ड की बैठक नहीं हुई है और बहुत सारे निर्णय किए जा रहे थे और उनमें से एक को हमने चुनौती दी है। अब अच्छी खबर यह है कि हम उन्हें बोर्ड की बैठक के लिए मनाने में कामयाब रहे और मैं इसमें भाग ले रहा हूं।"
बीसीसीआई और पीसीबी में आमतौर पर रिश्ते खराब ही रहते हैं क्योंकि दोनों देशों के बीच क्रिकेट नहीं के बराबर रहता है फिर भी जहर उगलने वाली बयानबाजियां ज्यादा नहीं देखी गई। हालांकि सेठी ने अपने अंतिम कार्यकाल के दौरान आक्रामक रुख अपनाया था और 2014 और 2015 में द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेलने के लिए बीसीसीआई पर मुकदमा दायर किया।
चीजें पूर्व पीसीबी अध्यक्ष रमीज राजा के कार्यकाल में और भी ज्यादा बदल गई। इस दौरान दोनों बोर्डों के बीच तनाव बढ़ रहा था, खासकर 2023 एशिया कप के आयोजन स्थल को लेकर तो बहुत ही मामला आगे बढ़ गया। कैलेंडर के हिसाब से ये प्रतियोगिता इस साल पाकिस्तान में होने जा रही है। हालांकि, अक्टूबर में शाह ने घोषणा की कि टूर्नामेंट तटस्थ स्थान पर चलेगा।
भारत और पाकिस्तान के बीच अस्थिर राजनीतिक संबंधों ने क्रिकेट को बहुत नुकसान पहुंचाया है क्योंकि दोनों के बीच हुए मैच खेल में बहुत बड़ा बिजनेस लेकर आते हैं। पाकिस्तान को भी भारत के खिलाफ ना खेलने से काफी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा है। समय के साथ दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में और भी गिरावट आई है और 2012-13 में पाकिस्तान के भारत के सीमित ओवरों के दौरे के बाद से, भारत और पाकिस्तान ने द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेली है।
इसी बीच पाकिस्तान में भी लाहौर में श्रीलंका की टीम बस पर 2009 के हमले के बाद एक दशक तक क्रिकेट शांत रहा। पाक टीम को खाड़ी देशों में खेलकर अपना काम चलाना पड़ा। हालांकि पाकिस्तान ने पिछले तीन वर्षों में नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की मेजबानी फिर से शुरू कर दी है जिसमें भारत को छोड़कर फिर से बड़ी टीमें वहां का टूर कर रही हैं।
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