विराट कोहली के समर्थन में उतरे नवजोत सिंह सिद्धू, बोले- छाती ठोककर कहता हूं, वो नॉटआउट थे
केकेआर के खिलाफ मैच में जिस तरह से विराट कोहली को आउट दिया गया उसके बाद लगातार अंपायर का यह फैसला विवादों में बना हुआ है। दरअसल विराट कोहली एक फुलटॉस गेंद पर कैच आउट हुए थे।
लेकिन कमर से ऊपर की ऊंचाई के चलते विराट कोहली ने अंपायर के फैसले को चुनौती दी। लेकिन थर्ड अंपायर ने भी विराट कोहली को आउट करार दे दिया। विराट कोहली को आउट दिए जाने के फैसले को नवजोत सिंह सिद्धू ने खुली चुनौती दे डाली है।

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि विराट कोहली को आउट नहीं देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि खेल के नियम बदल चुके हैं जो खेल के हित में हैं वही नियम होता है। सिद्धू ने कहा कि गेंद के इंपैक्ट को देखा जाना चाहिए।
गौर करने वाली बात है कि हर्षित राणा की फुलटॉस गेंद पर विराट कोहली आउट हुए थे। कमर तक की ऊंचाई पर आई गेंद पर कोहली अपना विके गंवा बैठे थे। हालांकि कोहली ने रिव्यू भी लिया, लेकिन थर्ड अंपायर ने भी इसे नो बॉल नहीं दिया। जिसके बाद अंपायर से विराट कोहली ने बहस भी की।
कमेंट्री के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि यह गेंद बीमर थी। ऐसे में जब गेंदबाज इस तरह की गेंद डालता है तो सामान्य तौर पर वह मांफी मांगता है। अगर प्वाइंट ऑफ इंपैक्ट की बात करें तो यह गेंद कमर से करीब डेढ़ फीट ऊपर थी। सिद्धू ने कहा कि यह नियम बदलना चाहिए, कोहली के खिलाफ इस गलत फैसले ने मैच में भंग डाल दिया।
कोहली ने प्वाइंट ऑफ इंपैक्ट पर गेंद से नजर हटा ली और वह चौंक गए। वह पूरी तरह से नॉट आउट थे। अंपायर को एक बार कप्तान की ओर देखना चाहिए था। सिद्धू ने खुले तौर पर कहा कि मैं छाती ठोक के कहूंगा, यह आउट नहीं था।
सिद्धू ने महेंद्र सिंह धोनी का उदाहरण देते हुए कहा कि टेस्ट मैच के दौरान धोनी ने इयान बेल को बुलाया था, इसके बाद बेल ने 200 रन बनाए थे। धोनी को खेल भावना के लिए अंतरर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना चाहिए। सिद्धू ने कहा कि तुम बीमर डालकर कोहली को आउट करोगे और चाहोगे कि सिद्धू इसका इस्तेकबाल करेगा तो मैं छाती ठोककर कहता हूं कि कोहली नॉटआउट था।












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