'मेरे खिलाफ दुश्मनों ने,' अब मोहम्मद शमी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें? हसीन जहां ने हाईकोर्ट का किया धन्यवाद
भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) की पूर्व पत्नी हसीन जहां (Hasin Jahan) को कोलकाता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) से बड़ी राहत मिली है। शमी के साथ लंबे समय से कानूनी लड़ाई लड़ रही जहां ने अपने इंस्टाग्राम पर इसका अपडेट शेयर किया है।
तेज गेंदबाजी की पत्नी ने बताया कि अदालत ने उनके पक्ष में एक ऐसे मामले में फैसला सुनाया है जो उनके लिए परेशानी का सबब रहा है। उन्होंने अपने वकील इम्तियाज अहमद के समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया, जिसने इस जीत को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अदालत का फैसला जहां के लिए उम्मीद की किरण बनकर आया, जिन्होंने आरोपों और कानूनी बाधाओं के बीच न्याय के लिए लगातार लड़ाई लड़ी है।

सोशल मीडिया पर मुखर रही हैं हसीन जहां
जहां की यह कानूनी जीत शमी के साथ उनके चल रहे विवादों की पृष्ठभूमि में आई है, जिन्हें उनके सार्वजनिक स्वभाव के कारण मीडिया द्वारा व्यापक रूप से कवर किया गया है। जहां सोशल मीडिया पर मुखर रही हैं, अक्सर ऐसे पोस्ट शेयर करती हैं जो शमी के साथ उनके विवाद का संकेत देते हैं।
हसीन जहां ने शमी पर लगाए गंभीर आरोप
हाल ही में विवाद तब और बढ़ गया जब शमी ने अपनी बेटी आयरा के साथ समय बिताया, उनके साथ बिताए पलों को कैद किया और शेयर किया, जिसके कारण जहां ने और आरोप लगाए। व्यक्तिगत उथल-पुथल के बावजूद, यह अदालती फैसला जहां की न्याय की तलाश में एक महत्वपूर्ण क्षण है, जो उनकी कानूनी और व्यक्तिगत लड़ाई की जटिलताओं को उजागर करता है।
कानूनी लड़ाई में जहां का संघर्ष चुनौतियों से भरा रहा
कानूनी क्षेत्र में जहां का संघर्ष चुनौतियों से भरा रहा है, जिसमें उनके पिछले वकीलों द्वारा कथित तौर पर रिश्वत लेना भी शामिल है, जिसके कारण कार्यवाही में देरी हुई। हालांकि, इम्तियाज अहमद को अपना वकील नियुक्त करने के बाद, जहां ने अपने मामले में तेजी से प्रगति देखी, जिसका परिणाम हाल ही में अनुकूल निर्णय के रूप में सामने आया।
'मेरे दुश्मनों ने मेरे खिलाफ साजिश रची थी'
जहां ने इंस्टाग्राम पर जानकारी देते हुए बताया कि, 'माननीय कोलकाता उच्च न्यायालय ने कल मेरे पक्ष में आदेश दिया है। मेरे दुश्मनों ने मेरे खिलाफ साजिश रची थी और मेरे और मेरी छोटी बेटी के खिलाफ फर्जी मामला दर्ज किया था। माननीय न्यायाधीश अजय कुमार मुखर्जी ने इसे रद्द करके मेरे प्रति सहानुभूति व्यक्त की है।'
केस में देरी के लगाए आरोप
जहां ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा कि 'मेरे दो वकीलों को खरीद कर केस में दो साल की देरी करवा दी गई थी, जिसके बाद मैनें वकील इम्तियाज अहमद भाई को केस सौंपा और 3 महीने बाद ही मुझे आखिरकार इंसाफ भी मिला।'
'सिर्फ भ्रष्टाचारी के कारण से देरी हो रही थी'
उन्होंने आगे लिखा कि, 'सच्चाई की जीत होकर रहती है यह एक फिर से साबित हुआ। वहीं शमी अहमद के खिलाफ मैंने जितने केस किए, उसमें सिर्फ भ्रष्टाचारी के कारण से देरी हो रही है। 498 ए में सिर्फ लंबी-लंबी डेट्स दी जा रही थीं, मेंटेनेंस के मामले में केवल अधिवक्ता खरीद होने के कारण देरी हो गई। अभी मैंने फिर से वकील चेंज किया है और निचली तीसरी जेएम कोर्ट में कई महीनों से जज ही नहीं है, 138 ए में मुझे इंशाल्लाह बहुत जल्दी ही मुझे न्याय मिलेगा।'
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जहां अपनी कानूनी यात्रा में आगे बढ़ रही हैं। हाल ही में आए न्यायालय के फैसले से उन्हें बल मिला है। उन्हें उम्मीद है कि अन्य लंबित मामलों में भी शीघ्र न्याय मिलेगा। यह घटनाक्रम न केवल जहां के लिए एक व्यक्तिगत जीत है, बल्कि कानूनी लड़ाइयों में अक्सर व्यक्तियों द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों को भी रेखांकित करता है, जो दृढ़ता के महत्व और न्याय को बनाए रखने में न्यायपालिका की भूमिका को उजागर करता है।












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