MCG की पिच पर चला ICC का बुलडोजर, एशेज टेस्ट के लिए मिली शर्मनाक रेटिंग, दुनिया भर में ऑस्ट्रेलिया की किरकिरी
MCG Pitch Verdict: मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की जिस पिच पर हाल ही में एशेज सीरीज का चौथा टेस्ट खेला गया, उसे लेकर क्रिकेट जगत में एक बड़ा भूचाल आ गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने इस विकेट को आधिकारिक रूप से 'असंतोषजनक' रेटिंग दी है, जो पिछले कई दशकों में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास में किसी प्रमुख मैदान के लिए सबसे बड़ी फटकार मानी जा रही है।
मैच रेफरी जेफ क्रो की रिपोर्ट ने उन तमाम आशंकाओं पर मुहर लगा दी है जो मैच के दो दिनों के भीतर खत्म होने के बाद उठने लगी थीं। इस पूरे विवाद की जड़ मैच के उन 142 ओवरों में छिपी है, जहां बल्लेबाजों के लिए क्रीज पर टिकना लगभग नामुमकिन हो गया था। महज दो दिनों के भीतर 36 विकेटों का गिरना टेस्ट क्रिकेट की सेहत के लिए एक चिंताजनक संकेत था।

यह ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पिछले लगभग सौ सालों में खेला गया सबसे छोटा टेस्ट मैच बन गया। पिच का व्यवहार इतना अप्रत्याशित था कि खेल के पहले ही घंटे से गेंदबाजों का दबदबा शुरू हो गया, जिसने न केवल खेल प्रेमियों को निराश किया बल्कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को आर्थिक रूप से भी करोड़ों का नुकसान पहुंचाया।
क्यूरेटर का निर्णय और मौसम की मार
पिच की इस विफलता के पीछे तकनीकी कारण भी सामने आए हैं। क्यूरेटर मैट पेज ने पिच पर 10 मिलीमीटर घास छोड़ने का निर्णय आगामी गर्मी के पूर्वानुमान को देखते हुए लिया था, ताकि विकेट जल्दी न टूटे। लेकिन मेलबर्न के अप्रत्याशित ठंडे मौसम और बादलों ने इस रणनीति को उल्टा कर दिया। नमी और घास के मेल ने पिच को तेज गेंदबाजों के लिए एक ऐसे खतरनाक हथियार में बदल दिया जिसका सामना करना किसी भी टीम के लिए संभव नहीं था।
आईसीसी की कार्रवाई और भविष्य का खतरा
आईसीसी के इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मैदानों में शुमार एमसीजी के खाते में अब एक डिमेरिट पॉइंट जुड़ गया है। यह पॉइंट अगले पांच सालों तक रिकॉर्ड पर दर्ज रहेगा। आईसीसी के नियमों के अनुसार, यदि अगले पांच साल के भीतर किसी मैदान को कुल 5 डिमेरिट पॉइंट मिलते हैं, तो उस पर अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी से एक साल का प्रतिबंध लगा दिया जाता है।












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