इरफ़ान पठान ने हार्दिक पांड्या को सरेआम धोया, जानिए ऐसा क्या बोला कि यूजर्स कर रहे सलाम
Irfan Pathan and Hardik Pandya: बीसीसीआई का वार्षिक अनुबंध आने के बाद से मामला काफी गर्म है। ईशान किशन और श्रेयस अय्यर को रेड बॉल में फर्स्ट क्लास क्रिकेट नहीं खेलने की वजह से अनुबंध में शामिल नहीं किया गया। दोनों खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी में नहीं खेले थे। हालांकि अब अय्यर ने रणजी खेलने का मना बनाया है।
ईशान किशन और श्रेयस अय्यर को अनुबंध से बाहर रखने और हार्दिक पांड्या को शामिल करने को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफ़ान पठान का बयान आया है। इरफ़ान पठान ने बीसीसीआई के ऊपर जमकर भड़ास निकाली और पांड्या को भी आड़े हाथों लिया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पठान ने खिलाड़ियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हार्दिक पांड्या के ऊपर भी वही नियम लागू क्यों नहीं होने चाहिए, जो ईशान किशन और श्रेयस अय्यर के ऊपर लागू हुए हैं। इसे लेकर उन्होंने खुलकर एक ऐसी पोस्ट लिखी है, जिसकी फैन्स जमकर तारीफ कर रहे हैं।
पठान ने लिखा कि श्रेयस और ईशान दोनों ही प्रतिभाशाली क्रिकेटर हैं। उम्मीद है कि वे वापसी करेंगे और मजबूती से वापसी करेंगे। यदि हार्दिक जैसे खिलाड़ी रेड बॉल क्रिकेट नहीं खेलना चाहते हैं, तो क्या उन्हें और उनके जैसे अन्य लोगों को नेशनल ड्यूटी पर नहीं होने पर सफेद बॉल के घरेलू क्रिकेट में भाग लेना चाहिए? यदि यह सभी पर लागू नहीं होता है, तो भारतीय क्रिकेट इच्छित परिणाम प्राप्त नहीं कर पाएगा!
उन्होंने अपनी बात से यह समझाया कि अगर रेड बॉल क्रिकेट में घरेलू क्रिकेट नहीं खेलने पर किशन और अय्यर को बाहर किया गया है, तो पांड्या भी तो घरेलू क्रिकेट में सफेद गेंद क्रिकेट नहीं खेलते हैं, तो उनको बोर्ड के अनुबंध में क्यों शामिल किया गया है। नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।
पठान की बातों में सच्चाई भी है। हार्दिक पांड्या ने साल 2018 के बाद से भारत के लिए कोई टेस्ट मुकाबला नहीं खेला है। पिछले साल वर्ल्ड कप के बीच में चोटिल होकर बाहर होने वाले हार्दिक पांड्या अब सीधा आईपीएल में खेलते हुए दिखाई देंगे। इस पर सवाल हर कोई खड़ा कर रहा है।
फैन्स ने यहाँ तक कहा है कि हार्दिक पांड्या 6 महीने से घरेलू और इंटरनेशनल दोनों फ़ॉर्मेट में नहीं खेले हैं, ऐसे में उनको बोर्ड के अनुबंध में कैसे शामिल किया गया। सबसे अहम बात तो यह है कि पांड्या को ग्रेड A में शामिल किया गया है। वहां 5 करोड़ रुपये सालाना मिलते हैं। अनुबंध का पैमाना अगर घरेलू क्रिकेट में खेलना ही है, तो पांड्या भी तो सफेद गेंद क्रिकेट में घरेलू क्रिकेट नहीं खेलते हैं। सफेद गेंद क्रिकेट में पांड्या सिर्फ इंटरनेशनल क्रिकेट और आईपीएल में खेलते हैं।
एक यूजर ने पठान का समर्थन करते हुए लिखा कि ऐसा लगता है कि कुंग फू पांड्या के लिए अलग नियम हैं। एक और यूजर ने लिखा कि इरफ़ान पठान के लिए सम्मान बढ़ गया है। अन्य व्यक्ति ने लिखा कि सच बोलने के लिए आपको धन्यवाद है। किसी यूजर ने यह भी लिखा कि इरफ़ान पठान में सच बोलने की हिम्मत है।












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