IPL 2023: अपने होमग्राउंड पर लो-स्कोरिंग टारगेट का पीछा करने में बार-बार फेल क्यों हो रही है LSG?
IPL 2023 LSG: लखनऊ की टीम अपने होम ग्राउंड पर पिछले दो लो स्कोरिंग मैच हारी है। यह साफ है कि चुनौतीपूर्ण पिच पर केएल राहुल एंड कंपनी को बहुत छोटे टारगेट का पीछा करने में भी बड़ी दिक्कत हो रही है।

IPL 2023 LSG Team: आईपीएल 2023 में इस बार जिस तरह से लखनऊ की टीम अपने होम ग्राउंड पर मैच हार रही है वह हैरान करने वाली बात है। लखनऊ सुपरजायंट्स जैसी मजबूत टीम अपने घरेलू मैदान इकाना क्रिकेट स्टेडियम में लगातार तीन मैच हार चुकी है।
उन्हें 15 अप्रैल को हुए मुकाबले में पंजाब किंग्स ने हराया, फिर 22 अप्रैल को गुजरात टाइटंस ने 7 रन से मात दी और अब 1 मई को आरसीबी ने 18 रन से हरा दिया। पिछले दो मैच लो स्कोरिंग मुकाबले थे जहां केएल राहुल एंड कंपनी ठीक से टारगेट का पीछा नहीं कर पाई।
कुछ तो गड़बड़ है- सवाल यह है कि लखनऊ की टीम अपने होम ग्राउंड पर लक्ष्य का सफल पीछा क्यों नहीं कर पा रही है? यहां जब लो स्कोरिंग मैच हो रहे हैं तो उनके गेंदबाजों को शाबाशी देनी होगी लेकिन बल्लेबाजों को क्या दिक्कत आ रही है?
हमने पिछले दो मैचों में देखा है कि इकाना स्टेडियम की पिच काफी धीमी है जहां रन बनाना इतना आसान नहीं है। ऐसे में टारगेट का पीछा करने वाली टीम को सावधानी और आक्रामक खेल के बीच संतुलन बनाने की सख्त जरूरत है जिसमें लखनऊ कहीं न कहीं फेल होते हुए दिखाई दी है।
दोनों मैचों में अलग रवैया- अगर पिछले मैच की बात करें तो तो लखनऊ 136 रनों का पीछा नहीं कर पाया। उन्होंने पावर प्ले में काफी धीमी बल्लेबाजी की और बाद के ओवरों में तेज गति की हड़बड़ाहट साफ दिखाई थी। 1 मई को लखनऊ के बल्लेबाज शुरू से ही किसी भी तरह जीतने के लिए बेचैन दिखाई दिए।
उन्होंने पिच पर समय बिताना उचित नहीं समझा बल्कि लो स्कोर देखकर किसी भी तरह से उसको हासिल करने की जल्दबाजी की जद्दोजहद करते दिखाई दिए। मजेदार बात यह है कि पिछले दोनों मैचों की हार में केएल राहुल का बड़ा योगदान रहा।
केएल राहुल का रोल- गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुकाबले में केएल राहुल ने 61 गेंदों पर 68 रनों की पारी खेली थी जिसमें उनका स्ट्राइक रेट केवल 111.48 का था। इसने बाकी बल्लेबाजों पर अपना प्रैशर बढ़ाया और केएल राहुल भी अपनी टीम को अंतिम ओवर में छोड़ कर चलते बने।
ताजा मुकाबले में केएल राहुल अगर बैटिंग में ओपन करने आ जाते तो भी एलएसजी जीत सकती थी। लेकिन राहुल की चोट ने उन्हें नंबर 10 पर बल्लेबाजी करने भेजा जिसने टीम की कोई सहायता नहीं की। उन्होंने केवल 3 बॉल खेली और अपना खाता भी खोलने में कामयाब नहीं रहे।
राहुल इस मैच में ऊपर भी आ सकते थे क्योंकि तब मुकाबला पूरी तरह एलएसजी के हाथ में था और कप्तान अपनी चोट के हिसाब से क्रीज पर टिके रहकर बाकी बल्लेबाजों को रन बनाने का मौका दे सकते थे।












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