IPL 2023: क्या संजू सैमसन आईपीएल के नये कैप्टन कूल है?
संजू सैमसन ने महेंद्र सिंह धोनी के खिलाफ अपना पिछला मुकाबला खेला जहां उनकी कप्तानी ने राजस्थान ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ जीत दर्ज करने में मदद की।

संजू सैमसन को भले टीम इंडिया में जगह पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा हो लेकिन IPL में उन्होंने अपनी कप्तानी और खेल से सबका दिल जीत लिया है। संजू आइपीएल के नये कैप्टन कूल बनने की राह पर हैं। वे मैदान पर कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहते हैं। मौके की नजाकत देख कर गेंदबाजी में सटीक बदलाव करते हैं। सबसे बड़ी बात ये कि वे खुद आगे बढ़ कर जिम्मेदारी लेते हैं और अपने साथी खिलाड़ियों के लिए एक्जाम्पल सेट करते हैं। संजू लगभग उन्ही गुणों का प्रदर्शन कर रहे हैं जिनके लिए पहले महेन्द्र सिंह धोनी विख्यात रहे हैं। धोनी संभवत: अपने आइपीएल करियर के आखिरी दौर में हैं।
जाहिर है समय के साथ इंसान के स्वभाव में कुछ तब्दीलियां भी आती हैं। 41 साल के धोनी अब पहले की तरह शांतचित्त नहीं रहे। हार की संभावना से अब वे भी आपा खो दे रहे हैं। गुरुवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में धोनी तीन बार अपने साथी खिलाड़ियों पर गुस्सा करते नजर आये। तो क्या संजू सैमसन आइपीएल में धोनी की खाली जगह को भरने की योग्यता रखते हैं?
राजस्थान ने चेन्नई को 7 में से 6 बार हराया
आइपीएल 2023 में राजस्थान ने चेन्नई को लगातार दूसरी बार हराया। 2020 से अब तक दोनों टीमों के बीच सात मैच हुए जिसमें छह बार राजस्थान को जीत मिली। चेन्नई एक ही मैच जीत पाया। जिस टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी हों, उस टीम को लगातार हराना एक विशिष्ट उपलब्धि है। वह इस लिए क्यों कि धोनी जितने क्षमतावान खिलाड़ी हैं उतने ही चतुर कप्तान भी हैं। उनको मात देने के लिए विशेष कौशल की जरूरत होती है।
अगर संजू सैमसन की कप्तानी वाली राजस्थान रायल्स ने धोनी की टीम को 6 बार हराया है तो यह एक असाधारण बात है। संजू सैमसन की नेतृत्व क्षमता की दाद देनी पड़ेगी। जोश बटलर इंग्लैंड की लिमिटेड ओवर क्रिकेट टीम के कप्तान हैं। वे टी-20 विश्व विजेता टीम के भी कप्तान रहे। यह संजू संमसन के नैतृत्व कौशल का ही कमाल है कि इतने बड़े खिलाड़ी के साथ उन्होंने आसानी से तालमेल बैठा लिया
संगकारा ने संजू की तारीफ की
गुरुवार को जब राजस्थान ने चेन्नई को 32 रनों से हराया तो राजस्थान के टीम डायरेक्टर कुमार संगकारा ने संजू सैमसन की जम कर तारीफ की। उन्होंने कहा, संजू ने 17 गेंदों पर 17 रन बनाये। लेकिन उनकी इस छोटी पारी ने टीम के तेवर को आक्रामक बनाने में मदद की। आप उनके रन मत देखिए, उन्होंने जो इंटेट दिखाया उससे बाकी बल्लेबाजों को तेज खेलने की प्रेरण मिली। चेन्नई के खिलाफ ये मैच जीतना बहुत जरूरी था।
पहले बैटिंग चुने का मतलब ही था कि हम बड़े स्कोर की तरफ देख रहे थे। पावर प्ले में अपनी योजना के अनुरूप खेले और छह ओवर में 64 रन बनाये। 8 ओवर में 85 रन बन चुके थे और मोमेंटम राजस्थान के पक्ष में था। 9वें ओवर में जब बटलर आउट हुए तो मोमेंटम बरकरार रखने के लिए संजू खुद आगे आये। वे वन डाउन खेलने आये और यशस्वी जायसवाल के साथ रनों की गति कायम रखी।
संजू के इंटेंट से रनों की रफ्तार तेज रही
संजू खुद सहायक की भूमिका में आ गये और यशस्वी को खुल कर खेलने का मौका दिया। वे स्ट्राइक रोटेट करते रहे और यशस्वी ताबड़तोड़ रन बनाते रहे। संजू ने सौ के स्ट्राइक रेट से 17 रन नाये और यशस्वी के साथ 39 रनों की साझेदारी की। इस छोटी साझेदारी से चेन्न्ई को गेम में वापस आने का मौका नहीं मिला। संगकारा के मुताबिक, संजू के एप्रोच ने ही देवदत्त पड्डिकल और ध्रुव जुरेल को डेथ ओवरों में पावर हिटिंग के लिए प्ररित किया।
ध्रुव और देवदत्त ने आखिरी तीन ओवर में 49 रन जोड़े थे। जुनियर मलिंगा के नाम से मशहूर मथिसा पाथिराना 142 से 149 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार में गेंद फेंक रहे थे। लेकिन इसके बावजूद उनके अंतिम यानी 20वें ओवर में 20 रन बने थे। इनमें कुछ रन एज लगने से बने थे लेकिन रन तो रन होते हैं। 18वें ओवर में 13, 19वें ओवर में 16 और 20वें ओवर में 20 रन बने। इन तीन ओवरों के खेल ने ही चेन्नई के हार की कहानी लिख दी थी।
धोनी तीन बार गुस्से में दिखे
16वें ओवर में पाथिराना बॉलिंग कर रहे थे और उनके सामने थे शिमरोन हेटमायर। पहली दो गेंदें सटीक यर्कर थीं। कोई रन नहीं बना। तीसरी गेंद खेलने की कोशिश में गेंद हेटमायर के पैड से टकरा कर विकेट के पीछे गयी। हेटमायर लेगबाई के एक रन के लिए तेजी से दौड़े। धोनी ने गेंद कलेक्ट कर उसे ननस्ट्राइकर एंड पर थ्रो किया। पाथिराना गेंद डालने के बाद फॉलोथ्रू में हाफ पिच तक चले गये थे। धोनी की फेंकी गेंद उनकी तरफ आ रही थी। अगर वे गेंद झपट कर विकेट पर थ्रो करते तो हेटमायर रन आउट हो सकते थे। लेकिन पाथिराना ने गेंद को कब्जे में लेने की बजाय उसे आगे जाने जाने का रास्ता दे दिया। तब तक हेटमायर एक रन पूरा कर क्रीज में पहुंच चुके थे। यह देख कर धोनी पाथिराना पर गुस्सा हो गये और नाराजगी में कुछ कहने लगे।
धोनी को गुस्से में देख कर बहुत लोगों को आश्चर्य हुआ। इस मैच में धोनी दूसरी बार तब नाराज हुए जब एक फील्डर ने गेंद पकड़ने में सुस्ती दिखायी। उनकी नाराजगी का तीसरा दृश्य तब समाने आया जब पारी की अंतिम गेंद पर शिवम दूबे के खराब थ्रो के कारण देवदत्त पड्डिकल और अश्विन ने तीन रन दौड़ लिये। इसकी वजह से ही राजस्थान का स्कोर 202 पर पहुंच गया था।
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