IND vs SA: पंत-कोहली के दम पर इतिहास रचने की दहलीज पर भारत, जीत के लिये दिया 212 का लक्ष्य

नई दिल्ली। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेली जा रही 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा और आखिरी निर्णायक मैच खेला जा रहा है, जिसमें जीत हासिल करने वाली टीम सीरीज को भी अपने नाम करने में कामयाब होगी। जहां भारतीय टीम ने सेंचुरियन के मैदान पर 113 रनों की ऐतिहासिक जीत हासिल की थी तो वहीं पर जोहान्सबर्ग टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका ने 7 विकेट से जीत हासिल कर सीरीज में बराबरी की। केपटाउन में खेले जा रहे सीरीज के आखिरी मैच में भी अभी तक दोनों टीमों के बीच खींच-तान देखने को मिली है, जहां पर तीसरी पारी में ऋषभ पंत और विराट कोहली की पारियों के दम पर भारतीय टीम को मैच में बरकार रखा है।
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भारतीय टीम ने सीरीज के आखिरी मैच की दूसरी पारी में 195 रनों पर सिमट गई और साउथ अफ्रीका के सामने जीत के लिये 212 रनों का लक्ष्य रखा है। इस दौरान टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ है जब भारतीय टीम ने अपने सभी 20 विकेट सिर्फ कैच के रूप में गंवाये हैं। उल्लेखनीय है कि केपटाउन के मैदान पर खेले गये टेस्ट मैचों में अब तक सिर्फ 3 बार ही ऐसा हुआ है जब चौथी पारी में टीम ने रनों का पीछा करते हुए 200 से ज्यादा के स्कोर को सफलतापूर्वक चेज किया हो, ऐसे में साउथ अफ्रीका के लिये इस लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं होगा।

पंत-कोहली ने संभाली भारत की लड़खड़ाती पारी
केपटाउन टेस्ट मैच की पहली पारी में 223 रन पर ऑल आउट हो जाने के बाद भारतीय टीम को गेंदबाजों ने मैच में वापस आने का मौका दिया और साउथ अफ्रीकी टीम को 210 रन पर समेट कर 13 रनों की बढ़त हासिल की। इसके बाद भारतीय टीम को अपने बल्लेबाजों से उम्मीद थी कि वो कुछ अच्छे रन बनाकर टीम को एक अच्छा स्कोर खड़ा करने में मदद करेंगे। हालांकि ऐसा हुआ नहीं और दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय टीम ने 57 रन बनाकर 2 विकेट खो दिये थे।
तीसरे दिन जब भारतीय टीम ने बल्लेबाजी शुरू की तो पहले ही दो ओवर में उसने चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे का विकेट खो दिया। महज 58 रन के स्कोर 4 विकेट खो देने के बाद भारतीय टीम बैकफुट पर नजर आ रही थी लेकिन यहां से कप्तान विराट कोहली (29) और ऋषभ पंत (नाबाद 100) ने पांचवे विकेट के लिये 94 रनों की साझेदारी की और पहले सेशन के दौरान कोई और विकेट नहीं खोया। इस दौरान विराट कोहली भले तेजी से रन नहीं बना पाये हों लेकिन अपनी पारी में 143 गेंदों का सामना कर भारतीय बल्लेबाजी को समय लेकर आगे बढ़ने का मौका दिया।

एंगिडी के स्पेल ने बदला मैच का रुख
लंच के बाद जब कोहली और ऋषभ पंत ने दोबारा बल्लेबाजी करना शुरू किया तो पंत ने केशव महाराज के खिलाफ हमला बोल दिया और एक ही ओवर में 20 रन बटोर दिये। हालांकि दूसरे छोर से गेंदबाजी करने आये लुंगी एंगिडी ने इस स्पेल में 3 विकेट हासिल कर भारतीय टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। भारतीय टीम ने 4 विकेट के नुकसान पर 152 रन बना लिये थे और बढ़त 170 के करीब पहुंच रही थी, तभी एंगिडी ने बाहर की तरफ गेंद फेंकी और इस मैच में कोहली जिस गेंद को खेलने से अब तक बच रहे थे इस बार उस पर खुद को रोक नहीं सके और ड्राइव करने चले गये। एक बार फिर से बल्ले का किनारा लगा और कोहली स्लिप पर कैच होकर वापस लौट गये। कोहली के बाद आर अश्विन (7) और शार्दुल ठाकुर (5) भी एंगिडी की बाहर जाती गेंद पर कैच आउट होकर वापस पवेलियन चले गये।

ऋषभ पंत ने ठोंका चौथा शतक, 212 का दिया टारगेट
जहां एक ओर भारतीय बल्लेबाज एक-एक करके अपना विकेट खोते जा रहे थे तो वहीं पर दूसरे छोर पर ऋषभ पंत भारतीय टीम के स्कोर को बढ़ाते नजर आ रहे थे। इस दौरान पंत ने अपने टेस्ट करियर का चौथा और साउथ अफ्रीका की सरजमीं पर पहला शतक पूरा किया। यह पंत के शतक का ही कमाल रहा कि भारतीय टीम ने दूसरी पारी में 198 रन बनाये। ऋषभ पंत के अलावा सिर्फ विराट कोहली (29) और केएल राहुल (10) ही दहांई के आंकड़े को पार कर सके। इतिहास के नजरिये से भले ही 212 रनों का लक्ष्य आसान नजर नहीं आ रहा है लेकिन जोहान्सबर्ग में साउथ अफ्रीका ने जिस तरह से मैच जीता था उससे वो काफी आत्मविश्वास से भरे नजर आयेंगे।












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