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IND vs SA: आखिरकार टूट गया 8 सालों से चला आ रहा कोहली का बड़ा रिकॉर्ड, केपटाउन में लगी रिकॉर्डों की झड़ी

IND vs SA
Photo Credit: ICC/Twitter

नई दिल्ली। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेली जा रही 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मैच केपटाउन के मैदान पर खेला गया जहां पर डीन एल्गर की कप्तानी वाली युवा साउथ अफ्रीका की टीम ने भारत को 7 विकेट से हराकर एक बार फिर से सीरीज पर कब्जा जमा लिया है। भारतीय टीम ने सेंचुरियन के मैदान पर जीत के साथ सीरीज का आगाज किया था लेकिन इसके बाद वो जोहान्सबर्ग और केपटाउन में जीत हासिल करने में नाकाम रही और एक बार फिर से सीरीज हार गई। भारत के लिये यह दूसरा मौका है जब उसने साउथ अफ्रीका दौरे पर बढ़त बनाने के बाद सीरीज को गंवाया है। मजेदार बात यह रही है कि इन दोनों ही मौकों पर राहुल द्रविड़ भारतीय टीम के साथ थे।

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साल 2006-07 के साउथ अफ्रीका दौरे पर पहली बार भारत ने सीरीज में बढ़त बनाने के बाद हार का सामना किया था और तब राहुल द्रविड़ टीम के कप्तान थे और अब जब वो भारतीय टीम के हेड कोच हैं तो एक बार फिर भारतीय टीम बढ़त बनाने के बाद सीरीज हार गई है। इसके साथ ही भारतीय कप्तान विराट कोहली का एक बड़ा रिकॉर्ड भी टूट गया है, जिसके तहत साल 2014 में जब से उन्होंने टीम की कमान संभाली है, तब से लेकर उनकी कप्तानी में भारत ने चौथी पारी में 150 से ज्यादा रनों का लक्ष्य बचाते हुए कभी कोई मैच नहीं गंवाया था लेकिन केपटाउन टेस्ट में उनकी जीत का यह सिलसिला भी टूट गया। आइये एक नजर टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच के बाद बने रिकॉर्ड पर डालें-

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सीरीज में 2 से ज्यादा शतक लगाने के बावजूद हारने वाली टीम बनी भारत

सीरीज में 2 से ज्यादा शतक लगाने के बावजूद हारने वाली टीम बनी भारत

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अक्सर देखा गया है कि अगर किसी टीम के बल्लेबाज सीरीज के दौरान शतक लगाते हैं तो अक्सर उनकी टीम उस श्रृंखला में विजेता बनती है। हालांकि कुछ ऐसे भी मौके रहे हैं जब सीरीज में एक भी शतक न लगाने वाली टीम ने सीरीज को अपने नाम किया है। इस सीरीज में भी कुछ ऐसा हुआ है। भारतीय टीम के लिये इस सीरीज में केएल राहुल और ऋषभ पंत के बल्ले से दो शतक आये जबकि साउथ अफ्रीका के किसी भी बल्लेबाज ने कोई शतक नहीं लगाया, इसके बावजूद साउथ अफ्रीका की टीम ने सीरीज अपने नाम कर ली। उल्लेखनीय है कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा चौथी बार ही देखने को मिला है।

इससे पहले भारत ने 1971 में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज में 1-0 से जीत हासिल की थी जहां पर इंग्लिश बल्लेबाजों ने दो शतक लगाया था जबकि भारत का खाता जीरो पर ही रहा था। 1971 के बाद यह कारनामा 2009 में दूसरी बार देखने को मिला जब वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 2-0 से जीत हासिल की थी। इस सीरीज में कैरिबियाई टीम के खिलाड़ियों ने 4 शतक लगाये थे। आखिरी बार यह कारनामा 2017 में श्रीलंका और जिम्बाब्वे के बीच खेली गई सीरीज में देखने को मिला था जिसमें श्रीलंका की टीम ने 1-0 से जीत हासिल की थी और जिम्बाब्वे के खिलाड़ियों ने 2 शतक लगाये थे।

5वीं बार बढ़त लेने के बाद हारी भारतीय टीम

5वीं बार बढ़त लेने के बाद हारी भारतीय टीम

टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा 5वीं बार देखने को मिला है जब भारतीय टीम ने किसी सीरीज में 1-0 की बढ़त लेने के बाद सीरीज को गंवाया है, जबकि साउथ अफ्रीका दौरे पर यह दूसरी बार देखने को मिला है। भारत के साथ ऐसा पहली बार 1984-85 में इंग्लैंड के खिलाफ घर पर खेली गई सीरीज में हुआ था, जहां पर उसे 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद दूसरा मौका साल 2002 में आया जब वेस्टइंडीज का दौरा करते हुए भारत को 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। इस फेहरिस्त में साउथ अफ्रीका (2006-07), घर पर इंग्लैंड के खिलाफ (2012-13) की सीरीज भी शामिल हैं, जहां पर भारत को 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था जबकि इंग्लैंड (2104) में उसे 1-3 से हार झेलनी पड़ी थी।

5वीं बार साउथ अफ्रीका ने पिछड़कर हासिल की जीत

5वीं बार साउथ अफ्रीका ने पिछड़कर हासिल की जीत

वहीं साउथ अफ्रीका की टीम ने खुद पर बैन हटने के बाद से 5वीं बार यह कारनामा किया है जब वो सीरीज में 1-0 से पिछड़ गई थी और उसके बावजूद उसने सीरीज को अपने नाम किया। साउथ अफ्रीका ने यह कारनामा पहली बार 1994-195 में न्यूजीलैंड के खिलाफ किया था जब उसने 2-1 से जीत हासिल की थी, तो वहीं पर 2006-07 में भारत और 2007-08 में वेस्टइंडीज को 2-1 से मात दी थी। साउथ अफ्रीका ने आखिरी बार 2017-18 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3-1 से जीत हासिल की थी।

2018 के बाद पहली बार हुआ यह कारनामा

2018 के बाद पहली बार हुआ यह कारनामा

केपटाउन टेस्ट में भारत को मिली हार 2018 के बाद पहला मौका है जब उसकी टीम के लिये किसी बल्लेबाज ने शतक लगाया हो और फिर भी टीम को हार मिली हो। भारत को आखिरी बार दिसंबर 2018 में इस हार का सामना करना पड़ा था जब विराट कोहली ने पर्थ के मैदान पर 123 रनों की पारी खेली थी। वहीं ऋषभ पंत के करियर में यह पहला मौका रहा जब उनका शतक आने के बाद भी टीम को हार मिली हो। इसके साथ ही भारतीय कप्तान विराट कोहली के करियर में यह तीसरा ही मौका है जब उन्हें टॉस जीतने के बाद मैच में हार का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड टेस्ट में उन्हें 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था जबकि 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में भारत को एक पारी और 76 रनों से हार मिली थी।

केपटाउन टेस्ट में बने यह भी रिकॉर्ड

केपटाउन टेस्ट में बने यह भी रिकॉर्ड

इसके साथ ही साउथ अफ्रीका की टीम एक टेस्ट सीरीज की चौथी पारी में 200 से ज्यादा रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दो बार जीत हासिल करने वाली चौथी टीम बन गई है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 1951/52 (236, 260), पाकिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ 2003 (217, 261), इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 2004 (282, 284) और भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2010/11 (216, 207) में यह कारनामा किया था। वहीं भारत के खिलाफ चौथी पारी में सबसे बड़ा रन चेज करने के मामले में यह 5वां मौका था, इस फेहरिस्त में ऑस्ट्रेलिया (339, पर्थ 1977/78), वेस्टइंडीज (276, दिल्ली 1987/88), साउथ अफ्रीका (240, जोहान्सबर्ग 2021/22), न्यूजीलैंड (213, वेलिंग्टन 1998/99) और साउथ अफ्रीका (212, केपटाउन 2021/22) का नाम शामिल है।

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