'लगा था मेरा ख्वाब एक सपना ही बना रह जाएगा', शिवम मावी ने खत्म किया 6 साल का इंतजार
अंडर-19 के बाद शिवम मावी को छह साल बाद भारतीय सीनियर टीम में खेलने को मिला। ये उनके लिए एक सपना सच होने जैसा है लेकिन यात्रा आसान नहीं थी। लंबा इंतजार था जिसमें बीच में लगी चोट ने संघर्ष और बढ़ा दिया।

भारतीय टीम ने नए साल की शुरुआत एक जीत के साथ करते हुए श्रीलंका को 2 रनों से मात दे दी। भारत की इस जीत के हीरो साबित हुए शिवम मावी जिनको आईपीएल नीलामी में हार्दिक पांड्या की टीम गुजरात टाइटंस ने 6 करोड़ रुपए में खरीदा था। माना जा रहा था कि मावी अपनी परफॉर्मेंस के दम पर जल्दी ही टीम इंडिया में जगह बनाएंगे और उन्होंने नए साल की शुरुआत भी धमाकेदार अंदाज में करते हुए 4 ओवर में 22 रन देकर 4 विकेट हासिल किए।

गेंदबाज वापसी करने में कामयाब रहा
मावी के लिए शुरुआती ओवर में सफलता के साथ रन रोकना इतना आसान नहीं था क्योंकि श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने उन पर कुछ बेहतरीन शॉट लगाए थे लेकिन यह गेंदबाज वापसी करने में कामयाब रहा। एक तरफ श्रीलंकाई ओपनर के तौर पर कुसल मेंडिस जैसे मजबूत बल्लेबाज मौजूद था तो वहीं दूसरी तरफ मावी ने पाथुम निशांका को कांटा बदलकर अंदर आई गेंद पर क्लीन बोल्ड करके भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद धनंजय डिसिल्वा भी शिवम मावी की लेग स्टंप पर पड़ी गेंद को समझ नहीं सके और बल्ला गेंद पर ऐसे लगा कि यह टॉप ऐज की माफिक हवा में उछल गई और संजू सैमसन ने कोई गलती नहीं की। इसके बाद मावी अपना अंतिम स्पेल फेकने के लिए 15वे ओवर में आए जहां उन्होंने तेज बल्लेबाजी कर रहे वानिंदू हसारंगा को हार्दिक पांड्या के हाथों कैच करा दिया।

स्मूथ एक्शन, गेंद को अंदर लाने और बाहर निकालने की क्षमता
वानिंदू ने 10 गेंदों पर 21 रन बनाए और फिर महीश तीक्षणा को भी 1 रन पर चलता कर दिया। मैच के दौरान यह गेंदबाज अपने स्मूथ एक्शन, गेंद को अंदर लाने और बाहर निकालने की क्षमता और बढ़िया आत्मविश्वास के साथ दिखाए गए जज्बे के चलते प्रभावित करने में कामयाब रहा। हालांकि इस मुकाबले में उनकी एक्सप्रेस स्पीड देखने को नहीं मिली जिसके लिए कभी उनको चर्चाएं मिली थी लेकिन वे एक गेंदबाज के तौर पर बढ़िया भविष्य देख सकते हैं।

बहुत मेहनत भी करनी पड़ी
मावी ने मैच के बाद कहा कि लैंडिंग जोन थोड़ा सा स्लिपरी था। मैं अंडर 19 से अपने मौके के लिए के बाद से इंतजार कर रहा था। ये इंतजार 6 साल का हो गया। मुझे इस दौरान चोट भी लगी और बहुत मेहनत भी करनी पड़ी। एक बार तो ऐसा लगने लगा था कि मेरा सपना सपना ही रह जाएगा लेकिन मैंने अपनी ओर से लगातार प्रयास जारी रखें।
मावी कहते कहते हैं कि आईपीएल में खेलने के कारण पहला इंटरनेशनल मैच खेलते हुए ज्यादा घबराहट नहीं हो रही थी। पावर प्ले में वे चाहते थे कि गेंदबाजों पर अटैक करें और उनका विकेट लें। जब मावी से पूछा गया कि उनका बेस्ट विकेट कौन सा था तो उन्होंने बताया ये पहला विकेट था। जब उन्होंने निशांका को अंदर आती गेंद पर शानदार तरीके से क्लीन बोल्ड कर दिया था।
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