IND vs SA: क्या कोलकाता टेस्ट में स्पिनर मचाएंगे तबाही? रैंक टर्नर पिच को लेकर सौरव गांगुली का बड़ा खुलासा
IND vs SA: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच शुरू होने वाले शुरुआती टेस्ट मैच से पहले क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ईडन गार्डन्स की पिच सुर्खियों में है। यह सिर्फ एक मैदान नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास का एक अध्याय है और यहाँ का विकेट हमेशा अपनी अनूठी कहानी कहता है।
इस बार भारतीय टीम प्रबंधन ने अत्यधिक स्पिन-अनुकूल रैंक टर्नर पिच की मांग नहीं करके एक स्पोर्टिंग विकेट बनाने पर जोर दिया है, जो खेल के पांचों दिन दिलचस्प मुकाबला पेश करेगा।

IND vs SA: सौरव गांगुली ने किया खुलासा
बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने पिच की प्रकृति पर स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि यह एक संतुलित विकेट होगा। गांगुली ने कहा है कि यह पिच तेज गेंदबाजों, बल्लेबाजों और स्पिनरों को अलग-अलग समय पर मदद देगी, जिससे टेस्ट मैच रोमांचक बनेगा। उनका आश्वासन है कि दर्शकों को पांच दिनों का उत्कृष्ट क्रिकेट देखने को मिलेगा। इस बयान से साफ है कि ईडन गार्डन्स पिछली कुछ घरेलू सीरीज़ की तरह अत्यधिक स्पिन-अनुकूल विकेट से दूर रहेगा।
पिच क्यूरेटर का क्या विचार
पिच क्यूरेटर सुजान मुखर्जी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह विकेट किसी एक टीम या गेंदबाज को पूरी तरह से फायदा नहीं देगा, बल्कि दोनों के लिए अवसर मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि मैच के शुरुआती घंटों में पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की पूरी उम्मीद है। अच्छी सीम मूवमेंट और स्थिर उछाल देखने को मिल सकता है, जिससे बल्लेबाजों को चुनौती मिलेगी। हालांकि, एक बार नई गेंद का असर खत्म होने के बाद, पिच पर उछाल अच्छा रहने की संभावना है, जिससे बल्लेबाजों को स्ट्रोक खेलने में आसानी होगी। क्यूरेटर ने यह भी आश्वस्त किया है कि स्पिनरों को विकेट से मदद तीसरे दिन से मिलनी शुरू हो जाएगी।
गौतम गंभीर की रणनीति क्या है?
पिछली घरेलू सीरीज में भारत को रैंक टर्नर पिचों पर नुकसान उठाना पड़ा था, जिससे मैच जल्दी खत्म हुए थे और बल्लेबाजों का आत्मविश्वास प्रभावित हुआ था। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में भारतीय बल्लेबाज स्पिन गेंदबाजों का सामना नहीं कर पाए थे, इस वजह से भारतीय कोच अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहते।












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