IND vs SA: भारत की हार का कौन है जिम्मेदार? क्या गंभीर ने किया टीम का बंटाधार! वर्ल्ड कप से पहले बढ़ी टेंशन
IND vs SA Gautam Gambhir: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी-20 में भारत को 51 रनों की करारी हार झेलनी पड़ी। इस हार के बाद टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की रणनीति निशाने पर आ गई है। बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के साथ-साथ गंभीर द्वारा लगातार बल्लेबाजी क्रम में किए जा रहे बदलावों की पूर्व क्रिकेटरों ने कड़ी आलोचना की है। फैंस भी लगातार गंभीर के कोचिंग स्टाइल पर सवाल उठा रहे हैं।
बल्लेबाजी क्रम में लगातार हो रहे हैं बदलाव (IND vs SA Gautam Gambhir)
मुल्लांपुर में हुए इस मैच में कप्तान सूर्यकुमार यादव को उनके नियमित क्रम से नीचे धकेलकर अक्षर पटेल को पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। सूर्यकुमार सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए। इस चौंकाने वाले फैसले ने कमेंटेटरों को हैरान कर दिया। पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा गंभीर के साथ भारतीय टीम और KKR दोनों में खेल चुके हैं, उन्होंने कोच के इस कदम पर असहमति जताई।

उथप्पा ने गंभीर पर उठाए सवाल
उथप्पा ने गंभीर के पिछले बयान को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सिर्फ ओपनिंग जोड़ी तय है, बाकी सभी खिलाड़ी 'मूविंग पीस' हैं। मैच के बाद ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए उथप्पा ने कहा कि जब आप बड़ा स्कोर चेज़ कर रहे हों, तो आपके सबसे बेहतरीन और सॉलिड बल्लेबाजों को क्रीज पर आना चाहिए। अगर अक्षर पटेल को 'पिंच हिटर' के रूप में भेजा गया था, तो उन्हें 21 गेंदों पर 21 रन नहीं बनाने चाहिए थे। उन्हें पहली गेंद से ही मारना शुरू करना चाहिए था और भले ही आउट हो जाते। लेकिन यह योजना भी मुझे नहीं भाती। आपको स्थिरता की जरूरत होती है।
डेल स्टेन ने भी फैसले पर जताया ऐतराज
दक्षिण अफ्रीका के महान तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने भी उथप्पा की बातों का समर्थन किया और कप्तान को नीचे भेजने के फैसले को 'एक बड़ी गलती' करार दिया। स्टेन ने कहा कि सूर्यकुमार आपका सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज माना जाता है। यह 'ट्रायल-एंड-एरर' की स्थिति नहीं है। मुझे लगता है कि यह एक बड़ी गलती थी। अक्षर को ऊपर भेजना ऐसा लगा जैसे उन्हें भेड़ियों के सामने फेंक दिया गया हो। आज की रात, जब आप सीरीज़ में 2-1 की बढ़त बना सकते थे, तब आपको अपने सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को भेजना चाहिए था और चीजों को सरल रखना चाहिए था।
वर्ल्ड कप में हो सकता है नुकसान
उथप्पा ने कोच गंभीर से आग्रह किया कि वह कम से कम टॉप-3 बल्लेबाजों का क्रम फिक्स रखें, चाहे वे लक्ष्य का पीछा कर रहे हों या स्कोर बना रहे हों। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि टॉप-3 विशेषज्ञ भूमिकाएं हैं। फेरबदल पावरप्ले के बाद आता है, जब एक नींव बन जाती है। यह लगातार प्रयोग काफी समय से चल रहा है, और मुझे चिंता है कि किसी बड़े टूर्नामेंट जैसे कि वर्ल्ड कप के अहम मौके पर यह भारत को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।












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