IND vs SA: 'कुछ तो गड़बड़ है इलाज ढूंढना होगा', चहल के गेमप्लान पर भड़के गौतम गंभीर
नई दिल्ली। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टी20 सीरीज के दो मैच खेले जा चुके हैं जिसमें अब तक भारतीय टीम जीत का खाता खोलने में नाकाम रही है और फिलहाल सीरीज में 2-0 से पीछे चल रही है। पहले मैच में 211 रनों का बचाव करने में नाकाम रही भारतीय टीम कटक के मैदान पर दूसरा मैच खेलने उतरी। इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने थोड़ा निराश किया और निर्धारित 20 ओवर्स में सिर्फ 148 रन ही बना सकी। जवाब में भारतीय गेंदबाजों ने अच्छी शुरुआत की लेकिन बीच के ओवर्स में एक बार फिर से रन लुटा देने की वजह से वो इसे बचा पाने में नाकाम रहे और 4 विकेट से मैच को हार गये।

साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गये इस मैच में भारतीय स्पिनर्स ने काफी निराश किया जहां पर उसके लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने 4 ओवर के स्पेल में 49 रन देकर सिर्फ एक विकेट हासिल किया तो वहीं पर अक्षर पटेल ने एक ओवर के स्पेल में 19 रन लुटाये। स्पिनर्स की ओर से 5 ओवर के स्पेल में 68 रन लुटा देने के चलते भारतीय टीम स्कोर को डिफेंड करने में नाकाम रही।

गंभीर ने चहल के गेमप्लान पर उठाये सवाल
इस बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गये इस मैच में युजवेंद्र चहल की रणनीति पर सवाल खड़े किये हैं। आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने के चलते भारतीय टीम में वापसी करने वाले युजवेंद्र चहल से सभी को काफी उम्मीदें थी खास तौर से कुलदीप यादव के बाहर हो जाने के बाद, हालांकि वो अब तक प्रभाव नहीं छोड़ सके। चहल ने इस मैच में टेंबा बावुमा (35) का विकेट जरूर हासिल किया लेकिन हेनरी क्लासेन की 46 गेंदों में 81 रनों की पारी के चलते उसे जीत हासिल हुई।

चहल की सोच में कुछ तो गड़बड़ है
स्टार स्पोर्टस से बात करते हुए गौतम गंभीर ने कहा कि चहल को थोड़ा और आक्रामक अंदाज अपनाना चाहिये न कि डिफेंसिव रोल निभाना चाहिये। भारत के पास डिफेंसिव रोल निभाने के लिये लेफ्ट ऑर्म स्पिनर्स और फिंगर स्पिनर हैं लेकिन उन्हें अटैकिंग रोल अपनाना चाहिये।
उन्होंने कहा,'गति में बदलाव करना जरूरी है, अगर आपको लगता है कि आप सिर्फ कसी हुई लाइन में गेंदबाजी कर सकते हैं और विकेट हासिल कर सकते हैं तो यह काम लेफ्ट आर्म स्पिनर का होता है। डिफेंसिव अंदाज से गेंदबाजी का रोल लेफ्ट आर्म स्पिनर और फिंगर स्पिनर कर सकते हैं लेकिन कलाई स्पिनर आपका अटैकिंग बॉलर होता है, तो आपकी मानसिकता अटैकिंग होनी चाहिये। भले ही आपने 4 ओवर्स में 50 रन दे दिये हों लेकिन आपको अपनी टीम को जीत दिलाने के लिये ऐसी परिस्थिति में 3 विकेट लेने चाहिये, लेकिन आप 4 ओवर में 40 से 50 रन लुटा देते हैं और सिर्फ एक ही विकेट लेते हैं तो यह फिर दिक्कत है जिसका इलाज जरूरी है।'

चहल ने डिफेंसिव एप्रोच से की गेंदबाजी
गौरतलब है कि स्पिनर्स के रन लुटाने की वजह से साउथ अफ्रीका की टीम ने महज 18.2 ओवर में 149 रन बना लिये और मैच को अपने नाम कर लिया। भारत के लिये भुवनेश्वर कुमार ने सबसे शानदार गेंदबाजी की और 4 ओवर के स्पेल में 17 रन देकर 4 विकेट हासिल किये।
उन्होंने कहा,'अगर आप गेंद का हवा में लहराते हैं और दो छक्के लगाते हैं तो यह दिक्कत नहीं होनी चाहिये। अगर आप मैच पर नजर डालें तो समझ आयेगा कि किसी बैटर को बाहर निकल कर चहल पर शॉट लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। वो क्रीज में खड़े रहे और आसानी से चहल की गेंद पर शॉट लगाते रहे, जिसका मतलब है कि आप तेज फेंकने की कोशिश कर रहे थे। यह चीज आप अक्षर से उम्मीद कर सकते हैं लेकिन चहल से नहीं।'












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