IND vs ENG: रोहित-कोहली का करिश्मा दोहराना आसान नहीं, पूर्व दिग्गज ने श्रेयस अय्यर को चेताया
IND vs ENG Shreyas Iyer: आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली 2-0 की हार के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम के नए कप्तान श्रेयस अय्यर के सामने एक बड़ी अग्निपरीक्षा खड़ी हो गई है। टीम इंडिया बुधवार 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज की शुरुआत करने जा रही है। पूर्व कप्तानों विराट कोहली और रोहित शर्मा के बाद इंग्लैंड की धरती पर सीरीज जीतना हमेशा से एक कठिन चुनौती रहा है। अब यही बड़ी जिम्मेदारी अय्यर के कंधों पर है।
पुजारा ने अय्यर को लेकर कही बड़ी बात (IND vs ENG Shreyas Iyer)
इस बीच भारतीय टीम के पूर्व भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने श्रेयस अय्यर की लीडरशिप पर बड़ी बात कही है। पुजारा का मानना है कि अय्यर में टीम को लीड करने की बेहतरीन काबिलियत है, लेकिन उनके लिए इस सीरीज में असली चुनौती कप्तानी से ज्यादा खुद उनकी बल्लेबाजी होने वाली है।

कप्तानी में रोहित-विराट जैसा इतिहास दोहराने की चुनौती
इंग्लैंड की खेल परिस्थितियों का लंबा अनुभव रखने वाले चेतेश्वर पुजारा ने साफ किया कि वहां व्हाइट-बॉल (सफेद गेंद) क्रिकेट खेलना किसी भी एशियाई खिलाड़ी के लिए कभी आसान नहीं होता। पुजारा ने एक इंटरव्यू में कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद इंग्लैंड में टी20 सीरीज जीतने वाला तीसरा भारतीय कप्तान बनना श्रेयस अय्यर के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होगी। इसमें कोई दो राय नहीं है।
भले ही वहां सीमित ओवरों के क्रिकेट के लिए पिचें अब पहले से बेहतर और सपाट हो गई हैं, लेकिन इंग्लिश मौसम और स्विंग परिस्थितियां हमेशा एक अलग तरह की कठिन परीक्षा लेती हैं। पुजारा ने इस बात पर भी विशेष ध्यान दिलाया कि श्रेयस अय्यर लगभग दो साल के लंबे अंतराल के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में वापसी कर रहे हैं। वह भी बिना किसी अभ्यास मैच के सीधे कप्तानी के बड़े दबाव के साथ मैदान पर उतरेंगे। इसलिए उनके सामने की चुनौतियां बिल्कुल वास्तविक और रणनीतिक हैं।
हालांकि, पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ने अय्यर की लीडरशिप स्किल्स और मैदान पर फैसले लेने की क्षमता पर पूरा भरोसा जताया है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पंजाब किंग्स के साथ अय्यर के शानदार कप्तानी रिकॉर्ड का हवाला देते हुए पुजारा ने कहा कि वह एक 'प्रोएक्टिव' कप्तान हैं, जो आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेते हैं और मैदान पर अपने खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की पूरी आजादी देते हैं।
अय्यर का असली टेस्ट उनकी कप्तानी की रणनीतियों का नहीं, बल्कि खुद उनकी बल्लेबाजी तकनीक का होगा। उन्हें मिडिल ऑर्डर (मध्यक्रम) में खुद को एक मैच विनर के रूप में स्थापित करना होगा और इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने रन बनाकर टीम के स्कोरबोर्ड को संभालना होगा। आयरलैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद चयनकर्ताओं और क्रिकेट फैंस दोनों की पैनी नजरें बुधवार से शुरू हो रही इस सीरीज में अय्यर के बल्ले और फैसलों पर टिकी रहेंगी।















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