IND vs IRE: याद है पिछला जख्म? आयरलैंड से पहले इस देश ने चटाई थी धूल, खत्म हुआ भारत का गोल्डन एरा
IND vs IRE: आयरलैंड क्रिकेट टीम ने बेलफास्ट के स्टोरमोंट मैदान पर इतिहास रच दिया है। दो मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे और आखिरी मुकाबले में आयरलैंड ने वर्ल्ड चैंपियन भारतीय टीम को 1 रन से हराकर सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली। लगातार दो बार की टी20 वर्ल्ड कप विजेता टीम इंडिया के लिए यह हार बेहद चौंकाने वाली है।
टूट गया 14 द्विपक्षीय सीरीज की अजेयता का रिकॉर्ड (IND vs IRE)
इस ऐतिहासिक जीत को आयरलैंड क्रिकेट इतिहास में 2011 वनडे वर्ल्ड कप (जब उन्होंने इंग्लैंड को हराया था) के बाद सबसे बड़ा पल माना जा रहा है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का यह प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। इस हार के साथ ही भारत का पिछले तीन साल से चला आ रहा शानदार रिकॉर्ड भी टूट गया।

आखिरी हार कब?
आयरलैंड से पहले भारत को आखिरी बार अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की सीरीज में 3-2 से हराया था। वेस्टइंडीज दौरे के बाद से भारत लगातार 14 द्विपक्षीय टी20 सीरीज में अजेय रहा था, लेकिन आयरलैंड ने इस विजय रथ को रोक दिया। साल 2020 के बाद से द्विपक्षीय टी20आई सीरीज में यह भारत की केवल तीसरी हार है।
आयरलैंड के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने ढहाया भारत का टॉप ऑर्डर
मैच की बात करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 154 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर 153 रन ही बना सकी और महज 1 रन से मुकाबला गंवा दिया।
आयरलैंड की इस ऐतिहासिक जीत के मुख्य सूत्रधार रहे तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा। पिच से मिल रही मदद का फायदा उठाते हुए मूंदड़ा ने अपनी घातक गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी। उन्होंने अपने स्पेल में 32 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। संजू सैमसन को पहली ही गेंद पर शून्य (0) पर आउट किया। अभिषेक शर्मा को भी पहली गेंद पर शून्य (0) पर पवेलियन भेजा। इसके बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर का कीमती विकेट लेकर भारत को बैकफुट पर धकेल दिया।
हर्षित राणा की कोशिशें भी नहीं आई काम
155 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम लगातार गिरते विकेटों के कारण संकट में थी। अंतिम ओवरों में हर्षित राणा ने 10 गेंदों में 21 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर मैच को रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया। हालांकि, आखिरी ओवर की पांचवीं (पेनल्टीमेट) गेंद पर उनके आउट होते ही भारत की जीत की उम्मीदें समाप्त हो गईं। श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में युवा टीम का यह पहला दौरा था, जो रणनीतिक और तकनीकी विफलताओं के कारण बेहद निराशाजनक रहा।















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