Delhi SIR: क्या वोटर लिस्ट से कट सकता है नाम? दिल्ली में वोटर वेरिफिकेशन शुरू, CM रेखा गुप्ता ने भी भरा फॉर्म
Delhi Voter List SIR: दिल्ली में वोटर लिस्ट को अपडेट करने का सबसे बड़ा अभियान शुरू हो गया है। चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के तहत अब बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अगले एक महीने तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। 13 हजार BLO दिल्ली में ग्राउंड पर काम कर रहे हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अपने परिवार के साथ गणना फॉर्म भरकर जमा किया और लोगों से इस प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने इसे लोकतंत्र का "यज्ञ" बताते हुए कहा कि सही और अपडेट वोटर लिस्ट ही मजबूत लोकतंत्र की नींव है।

रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट पर लिखा, ''आज मैंने SIR अभियान के तहत अपना और अपने परिवार का गणना फॉर्म भरकर जमा किया। मैं दिल्ली के मतदाताओं से कहना चाहती हूं कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने वाले इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। अपना गणना प्रपत्र समय पर भरकर अपने BLO को अवश्य सौंपें।''
क्या है SIR और क्यों शुरू हुआ यह अभियान?
- स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR का मकसद दिल्ली की वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट करना है। चुनाव आयोग चाहता है कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में है, उनकी जानकारी दोबारा सत्यापित हो ताकि अंतिम सूची पूरी तरह सटीक रहे। यह अभियान 30 जून से शुरू होकर 29 जुलाई तक चलेगा।
- दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के मुताबिक राजधानी की 70 विधानसभा सीटों और सात लोकसभा क्षेत्रों में 13,000 से ज्यादा बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तैनात किए गए हैं। दिल्ली में कुल 13,033 पोलिंग स्टेशन हैं और सभी इलाकों में घर-घर जाकर गणना फॉर्म बांटे जाएंगे।
- अधिकारियों को सुबह और शाम के समय, साथ ही शनिवार और रविवार को भी लोगों के घर जाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अधिक से अधिक मतदाता घर पर मिल सकें। अगर किसी घर पर ताला मिला तो BLO कम से कम तीन बार वहां दोबारा जाएंगे।
मतदाताओं को क्या करना होगा?
इस अभियान के दौरान हर मतदाता को दो गणना फॉर्म दिए जाएंगे। एक फॉर्म BLO के पास जमा होगा, जबकि दूसरा मतदाता के पास रसीद के तौर पर रहेगा। चुनाव आयोग ने साफ किया है कि इस फॉर्म के साथ किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी।
जो मतदाता चाहें, वे अपनी जानकारी ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं। दिल्ली की मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियां भी अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) के जरिए लोगों की मदद करेंगी।
अगर फॉर्म नहीं भरा तो क्या होगा?
चुनाव आयोग ने कहा है कि जो मतदाता तय समय तक गणना फॉर्म जमा नहीं करेंगे, उनका नाम 5 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित होगी।
जो लोग वर्ष 2002 के बाद दिल्ली में आकर बसे हैं, उन्हें अपने पुराने राज्य की मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी, जहां उनका नाम पहले दर्ज था। सभी राज्यों की वोटर लिस्ट चुनाव आयोग के पोर्टल पर उपलब्ध है, जिससे यह प्रक्रिया आसान हो सके।
16 जून को मतदाता सूची फ्रीज होने तक दिल्ली में 1,45,10,298 पंजीकृत मतदाता थे। इनमें 77.11 लाख पुरुष और 67.98 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। यही आंकड़ा इस विशेष पुनरीक्षण अभियान का आधार बनेगा।














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