IND vs AUS: 91 साल के टेस्ट इतिहास में भारत ने रचा कीर्तिमान, केवल 3 बार हुआ ये कारनामा
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहमदाबाद टेस्ट मैच में भारतीय टीम की तरफ से एक अनोखा कारनामा देखने को मिला, ऐसा कम ही होता है।

IND vs AUS 4th Test: भारत ने अहमदाबाद टेस्ट मैच में ऐतिहासिक बल्लेबाजी की। भारत के 91 साल के टेस्ट इतिहास में पहली बार शुरुआती क्रम की छह जोड़ियों ने 50 से अधिक रनों की साझेदारी की। इसके पहले विश्व क्रिकेट में सिर्फ दो बार ही ये कारनामा हुआ था। 1960 में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ और 2015 में पाकिस्तान ने बांग्लादेश के खिलाफ ये कीर्तिमान बनाया था। अहमदाबाद में भारत का प्रदर्शन इसलिए खास है क्यों कि उसने ऑस्ट्रेलिया के 480 रनों के विशाल स्कोर के दबाव में ये कीर्तिमान बनाया।
विराट कोहली दोहरा शतक बनाने से चूके, भारतीय टीम ने ली बड़ी बढ़त
भारत- शुरू के 6 विकेट ने 50 से अधिक रन जोड़े
शुरुआत रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी की। इसके बाद दूसरे विकेट के लिए चेतेश्वर पुजारा और गिल ने 113 रन जोड़े। फिर गिल-कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 58, कोहली जडेजा ने चौथे विकेट के लिए 64, कोहली-भरत ने पांचवें विकेट के लिए 84 और कोहली-अक्षर ने छठे विकेट के लिए 162 रनों की साझेदारी की। यहां गौर करने वाली बात ये है कि इस मैच में भारत की तरफ से सबसे बड़ी साझेदारी छठे विकेट ने की। अक्षर पटेल ने इस सीरीज में तीसरी बार अर्धशतक (79) बनाया। जब कि कोहली ने अपने 28वें टेस्ट शतक (186) को यादगार बना दिया।
भारत को 91 रनों की बढ़त
इन बड़ी साझेदारियों के कारण भारत का स्कोर ऑस्ट्रेलिया के पार पहुंच गया। भारत को कुल 91 रनों की बढ़त मिली है। भारत के लिए ये जरूरी था कि वह इस टेस्ट में अपनी स्थिति इतनी मजबूत कर ले ताकि उसके सामने हार का संकट खड़ा न हो। अब इस टेस्ट मैच में भारत की स्थिति मजबूत हो गयी है। जो भी जोखिम है वह ऑस्ट्रेलिया के सामने है। भारत वैसे तो यह टेस्ट जीतने की कोशिश करेगा क्यों कि उसकी नजर सीरीज जीतने के अलावा टेस्ट विश्व चैंपियनशिप के फाइनल पर भी है।
पाकिस्तान का रिकॉर्ड
आठ साल पहले पाकिस्तान ने भी ऐसा ही शानदार प्रदर्शन किया था। उसने 2015 में बांग्लादेश के खिलाफ ये उपलब्धि हासिल की थी। यह टेस्ट मैच बांग्लादेश के खुलना शहर में खेला गया था। इस मैच में मोहम्मद हफीज ने 222 रन बनाये थे। उन्होंने शमी असलम के साथ पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़े। फिर हफीज-अजहर अली ने दूसरे विकेट के लिए 227 रनों की लंबी साझेदारी की। तीसरे विकेट के लिए हफीज-युनूस खान ने 62, चौथे विकेट के लिए हफीज- मिसबाहुल हक में 63, पांचवें विकेट के लिए मिसबाह- असद ने 66 और छठे विकेट के लिए सरफराज अहमद- असद शफीक ने 126 रनों की साझेदारी की थी। इन बड़ी साझेदारियों के दम पर पाकिस्तान ने 628 रनों का विशाल स्कोर बनाया था।
तमीम इकबाल ने लगाया था दोहरा शतक
इसके जवाब में बांग्लादेश ने भी जबर्दस्त बल्लेबाजी की थी। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने शतक बनाया था। तमीम इकबाल ने 206 और इमरुल केइज 150 रन ठोके थे। शाकिबल हसन ने भी 76 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया था। इसकी वजह से बांग्लादेश ने 6 विकेट पर 555 रना बना पारी घोषित कर दी थी। आखिरकार यह टेस्ट मैच ड्रॉ हो गया था। चूंकि तमीम इकबाल ने पाकिस्तान के विशाल स्कोर 628 के दबाव में दोहरा शतक लगाया था इसलिए उन्हें मैन ऑफ द मैच खिताब से नवाजा गया था।
1960 में ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड लेकिन मैच टाई
सबसे पहले ये कारनामा ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिस्बेन में किया था। उसके शुरू के छह विकेट ने 50 से अधिक रनों की साझेदारी की थी। उस समय ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिची बेने और वेस्टइंडीज के कप्तान फ्रैंक वारेल थे। ऑस्ट्रेलिया के ओपनर कोलिन मैकडोनाल्ड ने 57 और बॉबी सिम्पसन ने 92 रन बनाये। पहले विकेट के लिए 84, दूसरे विकेट के लिए 54, तीसरे विकेट के लिए 56, चौथे विकेट के लिए 84, पांचवे विकेट के लिए 103 और छठे विकेट के लिए 88 रन बने थे। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से तीसरे नम्बर पर खेलने आये नॉर्म ओ नील ने 181 रन बनाये थे। इतना अच्छा खेलने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया यह टेस्ट जीत नहीं पाया था। उसे चौथी पारी में जीतने के लिए 233 रन बनाने थे लेकिन वह 232 रनों पर ऑलआउट हो गया था। ऑस्ट्रेलिया बिल्कुल जीत के कगार पर खड़ा था। 232 के स्कोर पर विली ग्राउट हुए थे। अब जीत लिए 1 रन चाहिए था। लेकिन इसी स्कोर पर इयान मैकिफ भी रन आउट हो गये थे। इस तरह यह टेस्ट मैच टाई के रूप में समाप्त हुआ था।












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