IND vs AUS: ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने कैसे ओवल की पिच का फायदा भारतीय बॉलर्स की तुलना में ज्यादा उठाया

WTC Final IND vs AUS: ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने ओवल की पिच का मैक्सिमम इस्तेमाल करने में जिस तरह की आर्ट दिखाई है, उसके लिए उनकी जितनी तारीफ होनी चाहिए उतनी कम है।

IND vs AUS: Australian bowlers

WTC Final 2023 Australian Bowling: वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल मुकाबले के दौरान लंदन के केनिंग्टन ओवल (Kennington Oval, London) की पिच पर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने भारतीय बॉलर की तुलना में कहीं ज्यादा मदद हासिल की है। भारतीय टीम ने इस पिच पर टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।

दोनों दिन के पहले सेशन में भारतीय बॉलर अच्छे थे-

टीम इंडिया पहले और दूसरे दिन के पहले सेशन में अपनी गेंदबाजी में अच्छी दिखाई थी, लेकिन पहले दिन तरह इसका फायदा उठाने के बजाए उनकी गाड़ी पटरी से उतर गई। कुल मिलाकर बाकी पारी में वह बात नजर नहीं आई। जबकि, ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने दिखाया कि इस पिच पर काफी जान बाकी है। अगर दमखम से गेंदबाजी की जाए तो यहां कुछ भी हो सकता है।

कंगारुओं ने पहली पारी में 469 रनों का अच्छा स्कोर खड़ा किया, जबकि भारतीय टीम दूसरी पारी में अपने 4 टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों को 71 रनों पर ही गंवा चुकी थी। अगर रवींद्र जडेजा और अजिंक्य रहाणे के बीच 71 रनों की साझेदारी ना बनती, तो स्थिति और भी बदतर हो सकती थी।

केनिंग्टन ओवल की पिच ऐसी थी जिस पर भारतीय गेंदबाज अपनी पहली पारी के दौरान सही लाइन और लेंथ हासिल करने में संघर्ष करते रहे। उन्होंने गेंद को ना तो ठीक से आगे रखा और ना ही वह डेक को सही से हिट कर पाए। इसके बजाय उन्होंने ऑफ स्टंप पर काफी गुंजाइश दी, जिससे कंगारू बल्लेबाजों को छोटी गेंदों के सामने खुलकर कट मारने का भरपूर मौका मिला।

सही लाइन-लेंथ और 'हिट द डेक'

इसकी इसके विपरीत ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने बहुत अच्छी तरह से डेक हिट किया और पिच पर मौजूद नेचुरल बाउंस निकाला। उन्होंने शार्ट ऑफ गुड लेंथ बॉलिंग करते हुए भारतीय खिलाड़ियों को काफी तंग किया।

इसके अलावा एक दिलचस्प बात भी है कि कंगारू टीम अपनी घरेलू परिस्थितियों की तुलना में इंग्लैंड की गेंदबाजी करने के लिए अप्रैल से तैयारी कर रही थी। इंग्लैंड की परिस्थितियों के हिसाब से कंगारू गेंद को आगे खिलाने का अभ्यास कर रहे थे। जबकि, उस समय भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी आईपीएल खेल रहे थे।

कुल मिलाकर ऑस्ट्रेलिया की तैयारी बहुत अच्छी दिखाई देती है क्योंकि रोहित शर्मा जिस गेंद पर फंसे, वह भी थोड़ी पीछे पड़ी और कांटा बदलकर कप्तान साहब के पैड पर टकराई। हिटमैन के पास कोई जवाब नहीं था।

स्कॉट बोलेंड ने बहुत खूबसूरत तरीके से गेंद को आगे रखकर शुभमन गिल और श्रीकर भरत को बोल्ड किया। दोनों बार गेंद की मूवमेंट देखी जा सकती है। सतह पर गेंद को कैसे पटका जाता है इसका बेस्ट उदाहरण मिशेल स्टार्क ने दिखाया, जब उन्होंने अप्रत्याशित उछाल से विराट कोहली को स्लिप में स्टीव स्मिथ के हाथों कैच आउट करा दिया।

पिच के बाउंस का भरपूर इस्तेमाल किया-

इतना ही नहीं कमिंस ने लगातार बेहतरीन तरह से डेक हिट की और कंसिस्टेंस बाउंस देखा गया। इससे बल्लेबाजों में कैसा भय पैदा होता है ये हमने इस टेस्ट मैच के तीसरे दिन देखा जब शार्दुल ठाकुर सुबह की शुरुआत में अतिरिक्त उछाल को अपने शरीर पर झेलते रहे। ऑस्ट्रेलिया उनका कैच ना छोड़ता तो वह कब के पवेलियन लौट चुके होते।

एक विकेट अभी तक नाथन लियोन को भी मिला है तो दूसरी और भारतीय क्रिकेट टीम इस ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज के समकक्ष ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को बाहर बैठाकर खेल रही है। कहीं ना कहीं यह भी एक ट्रिक मिस होने के जैसा लग रहा है।

मैच की बड़ी तस्वीर पर नजर डालें तो आस्ट्रेलियाई गेंदबाजी कहीं बेहतर तैयारियों के साथ ओवल की पिच का अधिकतम लाभ लेती हुई दिखाई दे रही है, जबकि भारतीय गेंदबाजी पहली पारी में सीखने की की प्रक्रिया से ही गुजरती रही। देखना होगा, टीम इंडिया दूसरी पारी में कैसी बल्लेबाजी और गेंदबाजी करती है, क्योंकि इसके ऊपर ही अब मैच का पूरा नतीजा टिका हुआ है।

फिलहाल टीम इंडिया को संभालने में अजिंक्य ने बढ़िया अर्धशतक लगाया है लेकिन कंगारू गेंदबाजों के जलवों को देखते हुए भारतीय टीम के लिए यह मैच बचाना एक बड़ी चुनौती रहेगा।

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