IND vs AUS: बल्लेबाजी के बाद यारबाजी ! रोहित- विराट के गले लगे स्मिथ, बड़ा अच्छा लगा देख कर
भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में हरा दिया लेकिन मैच ड्रॉ होने के बाद मैदान पर स्मिथ ने दिल जीतने वाला काम किया।

IND vs AUS 4th Test: अहमदाबाद टेस्ट ड्रा होने के बाद मैदान बड़ा दिलकश नजारा था। लाबुशेन और कप्तान स्टीव स्मिथ हेंडशेक के लिए भारतीय खिलाड़ियों की तरफ बढ़े। स्मिथ जब रोहित शर्मा से मिले तो उन्होंने खुद आगे बढ़ कर भारतीय कप्तान को गले लगाया। दोनों ने एक दूसरे की पीठ थपथपायी। फिर स्मिथ विराट कोहली से मिले। कोहली के मैराथन शतक ने भारत को इस मैच में सुरक्षित बना दिया था। स्मिथ ने कोहली को गले लगा कर इस खास पारी की दाद दी। मैच के दौरान मैदान पर लाबुशेन, कोहली से काफी बात कर रहे थे। 75 अंतर्राष्ट्रीय शतक लगाने वाले ऐसे दिग्गज बल्लेबाज से भला कौन कुछ सीखना नहीं चाहता। विराट कोहली न केवल भारतीय बल्कि विदेशी क्रिकेटरों के भी प्रेरणाश्रोत हैं। अहमदाबाद टेस्ट मैच जब समाप्त हुआ तो मैदान पर एक सुखद दृश्य सामने आया।
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मैच के बाद मैदान पर यारबाजी
मैदान के एक किनारे विराट कोहली के साथ उस्मान ख्वाज खड़े थे। वे कोहली से कुछ बात कर रहे थे। कोहली उन्हें अपनी जर्सी भेंट कर रहे थे। इसके बाद कुछ और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी वहां जमा हो गये। उन्होंने कुछ और खिलाड़ियों के अपनी टी-शर्ट दी। वे कोहली से लगातार संवाद कर रहे थे। तभी स्टीव स्मिथ वहां पहुंचे। उन्होंने कोहली का बल्ला ले कर उलट-पलट बड़े गौर से देखा। पिछले हिस्से के नीचले छोर के स्लोप को हाथ से छू कर शायद कोहली से कुछ पूछा। किसी बल्लेबाज के लिए उसका बैट जान से प्यारा होता है। वे अपना लक्की बैट किट में बड़ी हिफाजत से ले कर चलते हैं। कोहली ने 186 रनों की बेमिसाल पारी खेली थी। इस पारी में उन्होंने अपने उत्कृष्ट कौशल का परिचय दिया था। लेकिन इस मैराथन पारी में उनका बल्ला भी एक अहम सहयोगी था। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने विराट कोहली से मांग कर जर्सी ली। इससे पता चलता है कि इस पूर्व भारतीय कप्तान की दुनिया में कितनी प्रतिष्ठा है।
पहले तो रिश्तों में कड़वाहट ही अधिक रही
अहमदाबाद टेस्ट के दौरान भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट दोस्ती की 75वीं वर्षगांठ मनायी गयी। इसके लिए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी एल्बनीज और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खास तौर से स्टेडियम में आये। अहमदाबाद में मैच के बाद दोस्ती के कुछ लम्हों को देख कर दिल को बड़ा सुकून मिला। वह इसलिए क्यों कि भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट को लेकर रिश्तों में बहुत कड़वाहट रही है। एलन बोर्डर, स्टीव वॉ और रिकी पोटिंग के जमाने में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भारतीय किलाड़ियों का मनोबल गिराने के लिए स्लेजिंग करते थे। ये सिलसिला माइकल क्लार्क, स्टीव स्मिथ, टीम पेन और पैट कमिंस की कप्तानी में भी जारी रहा। मिसाल के तौर पर मैजूदा सीरीज की बात ले लीजिए। जब ऑस्ट्रेलिया नागपुर और दिल्ली में टेस्ट हार गया तो उन्होंने भारतीय पिचों के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया था।
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का घमंडी आचरण
अहमदाबाद टेस्ट मैच में कमेंट्री कर रहे संजय मांजेरेकर ने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के रवैये पर अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, मैंने एलन बॉर्डर के साथ कई मैच खेले थे। एक खिलाड़ी के रूप में वे मुझे जानते थे क्यों कि मैं भारतीय टीम का बल्लेबाज था। लेकिन उन्होंने मेरी तरफ कभी मुसकुरा कर देखा भी नहीं था। बोर्डर मुझे देख कर पहली बार तब मुसकुराये जब मैं पोस्टमैच प्रजेंटेशन की एंकरिंग कर रहा था। संजय मांजेरेकर की इस बात से पता चलता है ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ी पहले कितने घमंडी हुआ करते थे। 2007-08 में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गयी थी। इस सीरीज के एक टेस्ट में माइकल क्लार्क ने स्लिप में सौरव गांगुली का एक कैच लिया था लेकिन गेंद जमीन को छू चुकी थी। कप्तान रिकी पोंटिंग ने अम्पायर पर आउट देने का दबाव बना दिया। अंपायर ने भी झट से उंगली उठा दी। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जीतने के लिए किसी हद तक चले जाते थे। 2018-19 की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान और विकेटकीपर टीम पेन ने स्लेजिंग कर ऋषभ पंत को बहुत परेशान किया था। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी स्लेजिंग के लिए बदनाम रहे हैं और इसके अनगिनत किस्से हैं।
लगातार चार टेस्ट सीरीज हारने के बाद टूटा घमंड
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लेकिन जल्द ही ऑस्ट्रेलिया का घमंड टूट गया। भारतीय क्रिकेट इतनी ऊंचाई पर पहुंच गया कि ऑस्ट्रेलिया उसके नीचे दब कर तिलमिलाने लगा। 2023 की टेस्ट सीरीज जीत भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार चार श्रृंखला जीतने का रिकॉर्ड बनाया। 2016-17 के बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दो बार उसके घर में और दो बार अपनी जमीन पर हराया है। खुद को क्रिकेट का शहंशाह समझने वाले ऑस्ट्रेलिया के लिए ये पराजय बहुत ही अपमानजनक है। इसलिए वह बौखलाहट में अभी भी भारत के खिलाफ बोलने से बाज नहीं आता। अगर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी अब भारतीय खिलाड़ियों से मित्रवत व्यवहार करने लगे हैं तो इसकी एक बड़ी वजह आइपीएल है। वे भारत में आइपीएल खेल कर मोटा पैसा कमाते हैं। इसलिए वे मैदान के बाहर भारतीय खिलाड़ियों के साथ अच्छा रिश्ता रखने की कोशिश करते हैं। मौसम बदलने के कारण ही अब ये दोस्ती की बयार बहनी शुरू हुई है।












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