IND vs AUS: भारत ने फिर तीन दिन के अंदर कंगारूओं को किया मटियामेट, सीरीज में बनाई 2-0 की बढ़त
Border Gavaskar Trophy 2023: भारतीय टीम ने लगातार दूसरे टेस्ट में कंगारूओं को तीन दिन के अंदर हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल खेलना भी लगभग पक्का कर लिया है।

India vs Australia Test: भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया को तीन दिन के अंदर मटियामेट करते हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में अपराजेय बढ़ हासिल कर ली है। नागपुर टेस्ट में मेहमानों को बुरी तरह से रौंदने के बाद दिल्ली टेस्ट (Delhi Test) में भी तीन दिन में टीम इंडिया ने जीत हासिल कर ली। दूसरे दिन बहुत अच्छी स्थिति में दिखाई दे रही कंगारू टीम तीसरे दिन के पहले ही सेशन में ढेर हो गई। रवींद्र जडेजा ने 7 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया को 113 रनों पर समेट दिया। कंगारूओं ने पहली पारी में 263 रन बनाए थे और भारत को 262 रनों पर आउट कर दिया था। इस तरह से भारत को जीत के लिए मात्र 115 रनों का टारगेट मिला था जो टीम इंडिया ने 4 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया।

एक और बड़ी जीत
भारतीय पारी के चार में दो विकेट ऑस्ट्रेलिया ने नहीं लिए बल्कि वे अपने आप आउट हुए क्योंकि केएल राहुल शॉर्ट लेग पर खड़े फील्डर के पैड से टकराकर उछली गेंद को विकेटकीपर द्वारा लगने के बाद आउट हुए जो एक दुर्भाग्यशाली तरीका था। इसके बाद बेहतरीन अंदाज में खेल रहे रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा के बीच में रनिंग बिटवीन द विकेट के समय गलतफहमी हुई और कप्तान ने दूसरे रन का जो कॉल किया उसको वह खुद ही पलटने की कोशिश में आउट हुए। रोहित ने आउट होने से पहले 20 गेंद पर 31 रनों की तेज पारी खेली और अगर वह विकेट पर टिके रहते तो यह मैच और भी पहले समाप्त हो सकता था। इसके बाद अपना 100वां टेस्ट मैच खेल रहे चेतेश्वर पुजारा और होम ग्राउंड पर बल्लेबाजी कर रहे विराट कोहली ने बेहतरीन शॉट लगाए। खासकर कोहली एक अच्छे अंदाज में दिखाई दिए जहां उन्होंने अपनी पहली पारी को आगे बढ़ाया।

भारत ने चार विकेट गंवाए
लेकिन जब भारत आसानी से 8 विकेट से जीतता दिखाई दे रहा था तब कोहली टॉड मर्फी की गेंद पर स्टंप आउट हो गए। फिलहाल कोहली को टेस्ट क्रिकेट में अच्छा दिखने के बावजूद एक अच्छी पारी का सूखा ही देखने को मिल रहा है। उन्होंने 31 गेंदों पर 20 रनों की पारी खेली। इसके बाद पुजारा और अय्यर ने साझेदारी की कोशिश की लेकिन कुछ ज्यादा ही जल्दी में दिखाई दे रहे अय्यर को सफेद गेंद स्टाइल में छक्के लगाने की कोशिश करना भारी पड़ा और वे ऐसा ही शॉट खेलने के फेर में लियोन की गेंद पर लपके गए। अय्यर ने आउट होने से पहले एक ऐसा छक्का लगा दिया था। इसके बाद पुजारा ने भरत के साथ मिलकर भारत को 7 विकेट से जीत दिलाकर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में 2-0 की अपराजेय बढ़त दिला दी। भरत ने विजयी रनों को बनाने के लिए आक्रामक रुख दिखाया जो अगले मुकाबले में उनका कॉन्फिडेंस बूस्ट करेगी। भरत ने 22 गेंदों पर 23 रनों की पारी में 3 चौके और 1 छक्का लगा दिया। पुजारा ने 74 गेंदों पर नाबाद 31 रनों की पारी खेलकर अपना 100वां टेस्ट मैच बेकार नहीं जाने दिया।

ट्रॉफी भारत के ही नाम रहेगी
अब ऑस्ट्रेलिया अगले दो मैच जीत भी जाती है तो भी यह ट्रॉफी भारत के ही नाम रहेगी क्योंकि टीम इंडिया पिछली बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी की विजेता रही है। हालांकि इस बात के पूरे चांस है कि या तो ऑस्ट्रेलिया का क्लीन स्वीप होगा या यह सीरीज कम से कम 3-0 से भारत जीतने जा रहा है। साथ ही दिल्ली टेस्ट मैच में भारतीय टीम के आधिपत्य का मतलब यह भी है कि अब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल लगभग पक्का हो गया है।
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अरुण जेटली स्टेडियम में पलटवार की कोशिशें दिखाने के बावजूद जिस तरीके से अचानक घुटने टेके हैं उससे अगले मुकाबले के लिए उनका मनोबल काफी होगा और भारतीय टीम भी अपनी प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर सकती है। खराब फॉर्म से जूझ रहे केएल राहुल की जगह शुभमन गिल ओपनिंग में दिखाई दें सकते हैं।

दिमाग में कहीं ना कहीं पिच का भूत
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने दूसरे दिन सबसे पहला विकेट ट्रेविस हेड का खोया था जो अश्विन ने आउट किया। अश्विन भारतीय टीम को बहुत बड़ा ब्रेक जाने वाले खिलाड़ी साबित हुए जिसके बाद रवींद्र जडेजा ने विकेटों की झड़ी लगा दी लेकिन उससे पहले रविचंद्रन ने स्टीव स्मिथ के रूप में एक और खतरनाक विकेट आउट किया था। पूरी पारी में आस्ट्रेलिया के बल्लेबाज स्वीप या रिवर्स स्वीप का अनुसरण करते हुए दिखाई दिए और लो बाउंस पिच पर यह रणनीति बहुत ही खराब और आत्मघाती साबित हुई। कप्तान पैटकमिंस ने जिस तरीके से पहली ही गेंद पर चौका-छक्का उड़ाने की कोशिश की और बोल्ड हो गए इसकी जितनी आलोचना की जाए उतना कम है। ऐसा लगता है ऑस्ट्रेलिया के दिमाग में कहीं ना कहीं पिच का भूत बैठ चुका है जो वह एक ठीक-ठाक दिखने वाले विकेट पर भी एक शर्मनाक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे और कहीं ना कहीं बाद में फिर विकेट को दोष दिया जाता है लेकिन इसी विकेट पर भारतीय खिलाड़ियों ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी का प्रदर्शन करके दिखाया है।

रवींद्र जडेजा के नाम 10 विकेट रहे
इस मैच में रविंद्र जडेजा के नाम 10 विकेट रहे तो रविचंद्रन अश्विन के नाम 6 विकेट रहे और अक्षर पटेल ने पहली पारी में 74 रनों का योगदान दिया तो वहीं आस्ट्रेलिया की ओर से पहली पारी में उस्मान ख्वाजा ने 81 और हैंडस्कॉन्ब ने 72 रनों की नाबाद पारी खेली थी।
ऑस्ट्रेलिया के सामने अब कुछ बड़े सवाल बाकी है जहां हो सकता है अगले मुकाबले में डेविड वॉर्नर की जगह ट्रेविस हेड ही बल्लेबाजी करते हुए दिखाई दे क्योंकि यह वरिष्ठ खिलाड़ी ना केवल कंकसन का शिकार हुआ बल्कि खराब फॉर्म से जूझ रहा था। लेकिन वार्नर का विकल्प भी फिलहाल मौजूद नहीं दिखाई दे रहा है क्योंकि उनकी जगह पर बल्लेबाजी कर रहे मेट रेन्शॉ बिल्कुल भी स्पिनरों को समझ नहीं पा रहे हैं। वे दूसरी पारी में रविचंद्रन अश्विन की गेंद पर पगबाधा आउट हुए और उन्होंने स्वीप के प्रयास को खुद को आउट किया था। हालांकि ऑस्ट्रेलिया के लिए अच्छी बात यह है कि उसके मुख्य स्पिनर नेथन लियोन पहली पारी में 67 रन पर 5 विकेट लेने में कामयाब रहे थे लेकिन उनको इस बार बाकी स्पिनरों का उतना साथ नहीं मिल पाया। लियोन ने दूसरी पारी में भी 2 विकेट हासिल किए।

इंदौर के होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में अब तीसरा मुकाबला
भारत के लिए इस मुकाबले में रोहित शर्मा की बल्लेबाजी और विराट कोहली का एक खूबसूरत अंदाज में रन बनाना एक प्लस पॉइंट है। लेकिन कोहली को बड़ी पारी अब खेलनी ही होगी और श्रेयस अय्यर के अलावा केएस भरत को योगदान करना होगा जो किसी तरह से तीन ऑलराउंडर ने बैटिंग से ढका हुआ है।
अब दोनों टीमों के पास तीसरे मुकाबले के लिए काफी वक्त बचा है जो 1 मार्च से इंदौर के होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में होने जा रहा है। इससे पहले यह मैच धर्मशाला में होने जा रहा था लेकिन हिमाचल की वादियों में बारिश और सर्द मौसम के चलते घास और आउटफील्ड का काम अधूरा है तो यह मुकाबला इंदौर में होगा जहां एक बार फिर आस्ट्रेलिया के सामने भारत की चुनौतीपूर्ण पर अपने जौहर दिखाने की चुनौती है।
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