खिलाड़ी रो रहे थे, मैंने कहा- क्या कोई मर गया है? पूर्व दिग्गज ने सुनाया किस्सा

नई दिल्ली। क्रिकेट के सबसे महान लेग स्पिनर शेन वार्न अपने खेल के दिनों में बल्लेबाजों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थे। स्पिन जादूगर ने सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को परेशान किया और ऑस्ट्रेलिया को कई जीत दिलाने में काम निभाया। शेन वार्न टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले दूसरे गेंदबाज हैं, जिन्होंने 708 विकेट लिए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी सफलता के अलावा, वार्न टी20 लीग में भी अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे।
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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पहले सीजन में राजस्थान रॉयल्स को चैंपियन बनाना उनके करियर की मुख्य विशेषताओं में से एक है। हालांकि उस समय राजस्थान की टीम फेवरेट नहीं थी क्योंकि उसमें बड़े नाम शामिल नहीं थे। इसके अलावा, वॉर्न 2008 की प्रतियोगिता के दौरान एक रिटायर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर भी थे। हालांकि, रॉयल्स ने सभी को चौंका दिया और पहले आईपीएल चैंपियन बने। अब शेन वाॅर्न और उनके साथी दिमित्री मस्कारेनहास ने बताया कि कैसे एक सबसे खराब टीम होने के बावजूद वह चैंपियन बनकर ऊभरे थे।

कागज पर सबसे खराब टीम थी
रॉयल्स के पूर्व कप्तान ने अपने जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'शेन' में आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ अपने कार्यकाल को याद किया। वाॅर्न ने कहा, "मैं राजस्थान रॉयल्स का कप्तान और कोच था, यह रोमांचक था।" वहीं इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर और वॉर्न के पूर्व रॉयल्स टीम के साथी दिमित्री मस्कारेनहास ने कहा, "कागज पर हमारे पास सबसे खराब टीम थी। हर कोई इस बात को जानता था, प्रेस इसे जानता था।"

17-18 साल के छोटे बच्चे थे
वार्न ने यह भी याद किया कि रॉयल्स ने अपने अभियान की शुरुआत दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के खिलाफ नौ विकेट की शर्मनाक हार के साथ की थी। उन्होंने कहा, "किसी ने हमें मौका नहीं दिया, हमारे पास 17-18 साल के छोटे बच्चे थे जिन्होंने बहुत कम क्रिकेट खेला था। पहले मैच में हमें दिल्ली डेयरडेविल्स ने रौंद दिया और वीरेंद्र सहवाग ने हमें चारों ओर से हरा दिया।"

खिलाड़ी रो रहे थे
सीजन के पहले मैच में राजस्थान को दिल्ली की टीम से 9 विकेट से हार मिली थी। उन्होंने आगे कहा, "मैं ड्रेसिंग रूम में जाता हूं और वहां खिलाड़ी रो रहे होते हैं। मैंने कहा, 'लड़कों, क्या मैंने कुछ खो दिया है? क्या कोई मर गया है? हमने एक क्रिकेट मैच खो दिया, हमारे पास अभी भी 13 और खेल हैं।'' इस बीच, मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान और वार्न के कट्टर प्रतिद्वंद्वियों में से एक, सचिन तेंदुलकर को लगता है कि आईपीएल जीतना वार्न के लिए केक पर एक 'टुकड़ा' था। तेंदुलकर ने कहा, "शेन ने टीम का अच्छे से नेतृत्व किया और अच्छी तरह से रणनीति बनाई। आईपीएल जीतना उनके लिए केक पर आइसिंग जैसा था क्योंकि वह पहले से ही भारतीय प्रशंसकों की नजर में पसंदीदा थे।" बता दें कि राजस्थान ने आईपीएल 2008 के फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स को हराया था। चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 163 रन बनाए थे, जवाब में राजस्थान ने 3 विकेट रहते पारी की आखिरी गेंद पर जीत दर्ज कर पहला खिताब अपने नाम कर लिया था।












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