Mahendra Makhijani Case: ड्रग्स, अश्लील पार्टियां और 955 करोड़ का फ्रॉड, भारतीय मूल के शख्स की शातिर करतूत
Mahendra Makhijani Case: अमेरिका में भारतीय मूल के एक फाइनेंसर को लगभग 100 मिलियन डॉलर (करीब 954.2 करोड़ रुपये) की बैंक धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने इंश्योरेंस पॉलिसियों के टाइटल रिकॉर्ड्स में हेरफेर करके एक बैंक को करोड़ों डॉलर का चूना लगाया।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 44 साल के महेंद्र माखिजानी के रूप में हुई है। भारत में जन्मे माखिजानी लंबे समय से अमेरिका में ग्रीन कार्ड पर रह रहे थे। बुधवार सुबह उन्हें कैलिफोर्निया के न्यू पोर्ट बीच स्थित उनके आलीशान बंगले से गिरफ्तार किया गया। अगर अदालत में आरोप साबित हो जाते हैं, तो उन्हें अधिकतम 30 साल तक की जेल हो सकती है।

सिर्फ बैंक फ्रॉड नहीं, अश्लील पार्टियों के आरोप
महेंद्र माखिजानी पर केवल वित्तीय धोखाधड़ी का ही आरोप नहीं है। अदालत में दाखिल दस्तावेजों के मुताबिक उन पर कई कथित दबंगई वाले तरीकों का इस्तेमाल करने के भी आरोप हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने हथियारबंद लोगों की मदद से होटल और एक रेस्तरां पर कब्जा करने की कोशिश की। इसके अलावा उन पर ड्रग्स और सेक्स पार्टियों का आयोजन करने के भी आरोप लगाए गए हैं। कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक महेंद्र माखिजानी पर निजी पार्टियों के आयोजन का भी आरोप है, जिनमें ड्रग्स और सेक्स वर्कर्स शामिल होते थे। दस्तावेजों में कहा गया है कि इन पार्टियों में बैंक के कुछ कर्मचारी भी शामिल हुए थे।
क्या ब्लैकमेल भी करते थे माखिजानी?
अदालती दस्तावेजों के मुताबिक माखिजानी बाद में इन पार्टियों में हुई गतिविधियों की जानकारी का इस्तेमाल लोगों पर दबाव बनाने के लिए करते थे। आरोप है कि उन्होंने इसी जानकारी के आधार पर कर्मचारियों और सहयोगियों को अपने दबाव में रखने की कोशिश की। इसके अलावा वे अपने कर्मचारियों को जान से मारने की और परिवार को सड़क पर ला देने जैसी धमकियां भी देते थे।
अमेरिकी अधिकारियों ने क्या कहा?
सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया के फर्स्ट असिस्टेंट यूएस अटॉर्नी बिलाल एस्सायली ने बताया कि महेंद्र माखिजानी को संघीय आपराधिक शिकायत के तहत गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि माखिजानी पर एक बैंक को लगभग 100 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी से नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
IRS जांच में सामने आया बड़ा खुलासा
अमेरिकी कर विभाग (IRS) की जांच के मुताबिक माखिजानी ने टाइटल इंश्योरेंस रिकॉर्ड्स में फर्जीवाड़ा किया, वास्तविक लियन पोजिशन छिपाई और कई शेल कंपनियों का नेटवर्क इस्तेमाल करके बैंक को गुमराह किया।
IRS क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन के लॉस एंजिलिस फील्ड ऑफिस के एक्टिंग स्पेशल एजेंट इन चार्ज डैरेन लियान ने कहा कि जांच एजेंटों ने पैसों के लेन-देन को कई परतों में ट्रैक किया और छिपाए गए खातों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
कैसे हुआ कथित बैंक फ्रॉड?
अदालत में दाखिल हलफनामे के मुताबिक महेंद्र माखिजानी न्यू पोर्ट बीच स्थित Cantor Group V LLC नामक कंपनी को चलाते थे। इस कंपनी का एक बैंक के साथ लेंडिंग एग्रीमेंट था। समझौते के तहत बैंक ने कंपनी को करीब 100 मिलियन डॉलर दिए थे ताकि वह रियल एस्टेट से सुरक्षित ऋण जारी कर सके या खरीद सके। एग्रीमेंट के मुताबिक Cantor Group को उन लोन्स और उनसे जुड़े रियल एस्टेट को बैंक के पक्ष में गिरवी रखना था और बाद में लोन से हुई कमाई में से बैंक का पैसा वापस करना था।
टाइटल इंश्योरेंस दस्तावेजों में की गई कथित हेराफेरी
जांच एजेंसियों का आरोप है कि सितंबर 2024 से अप्रैल 2025 के बीच माखिजानी ने कई टाइटल इंश्योरेंस पॉलिसियों में फर्जी बदलाव किए। इन दस्तावेजों में ऐसा दिखाया गया कि कुछ रियल एस्टेट संपत्तियों पर Cantor Group की पहली लियन पोजिशन है, जबकि वास्तविक स्थिति अलग थी। फर्जी दस्तावेज तैयार करने के बाद उन्होंने अपने एक कर्मचारी के जरिए ये रिकॉर्ड बैंक को भेजे। साथ ही मखीजानी पर अधिकारियों को भी गलत जानकारी देने के आरोप लगे हैं।
आगे क्या होगा?
फिलहाल महेंद्र माखिजानी को संघीय अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। अगर अदालत में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित हो जाते हैं, तो उन्हें 30 साल तक की जेल हो सकती है।
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