'जोहान्सबर्ग टेस्ट की हार के लिये द्रविड़-कोहली हैं जिम्मेदार', पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर ने फोड़ा ठीकरा

नई दिल्ली। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेली जा रही 3 मैचों की टेस्ट सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां पर 2 मैच के बाद दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं तो वहीं पर केपटाउन में 11 जनवरी से खेला जाने वाला तीसरा मैच निर्णायक फाइनल साबित होगा। भारतीय टीम ने सेंचुरियन में खेले गये पहले टेस्ट मैच में 113 रनों की ऐतिहासिक जीत हासिल की थी तो वहीं पर जोहान्सबर्ग के मैदान पर खेले गये दूसरे टेस्ट मैच में कप्तान डीन एल्गर की टीम ने वापसी करते हुए भारत को पहली बार इस मैदान पर 7 विकेट से हराया। 240 रनों का पीछा करते हुए कप्तान डीन एल्गर ने चौथी पारी में नाबाद 96 रन बनाये और भारत के खिलाफ इतिहास के तीसरे सबसे बड़े लक्ष्य को हासिल किया। भारतीय टीम को मिली इस हार के बाद खेल जगत के पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों से हुई गलती पर अपनी-अपनी राय देते नजर आ रहे हैं।
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जहां कुछ खिलाड़ियों का मानना है कि भारतीय टीम की बल्लेबाजी ने जोहान्सबर्ग टेस्ट में निराश किया तो वहीं पर कुछ ने बारिश और रोलर की वजह से सपाट हुई पिच को दोषी करार दिया। कुछ क्रिकेटर्स ने भारतीय टीम के गेंदबाजों की भी आलोचना की जिन्होंने चौथी पारी में अतिरिक्त रनों की बरसात कर दबाव बनने नहीं दिया और 240 रनों के लक्ष्य के बावजूद मैच को हार गये।
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द्रविड़-कोहली की वजह से हारी भारतीय टीम
इस बीच पाकिस्तान के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया ने भी अपनी राय दी है लेकिन उन्होंने चौंकाते हुए इसका ठीकरा कोच राहुल द्रविड़ और नियमित कप्तान विराट कोहली पर फोड़ा। उल्लेखनीय है कि जोहान्सबर्ग टेस्ट मैच में पीठ के खिंचाव के चलते कप्तान विराट कोहली प्लेइंग 11 से बाहर हो गये थे, जिसके चलते केएल राहुल ने उनकी जगह टीम की कमान संभाली। हालांकि चौथी पारी में जब भारतीय टीम 240 रनों का बचाव कर रही थी तो फैन्स को कप्तान कोहली की कमी जरूर खली। दानिश कनेरिया का मानना है कि केएल राहुल ने मैदान पर कुछ ऐसे निर्णय लिये जो कि भारतीय टीम की रणनीति के लिये सही नहीं बैठे और उसे हार का सामना करना पड़ा, ऐसे में कप्तान कोहली और राहुल द्रविड़ की जोड़ी को मैदान के बाहर से ही कमान संभालनी चाहिये थी और ड्रेसिंग रूम से संदेश भेजकर मैच को अपनी मुट्ठी में करना चाहिये थे।

मैदान के बाहर से यह काम कर सकती थी द्रविड़-कोहली की जोड़ी
गौरतलब है कि भारतीय कप्तान विराट कोहली ने साल 2014 में टेस्ट टीम की कमान संभाली है, जिसके बाद से वो अब तक 27 मैचों में 150 से ज्यादा रनों का बचाव करने उतरे हैं। इस दौरान भारतीय टीम ने 25 बार जीत और 2 बार मैच को ड्रॉ कराया है, जबकि एक बार भी टीम को हार नहीं मिली है। ऐसे में कप्तान कोहली को मिस करना बनता है।
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए दानिश कनेरिया ने कहा,'चौथी पारी में भारतीय टीम बैकफुट पर नजर आ रही थी, उन्हें साउथ अफ्रीका की टीम को रन बनाने में और मुश्किलात पैदा करना चाहिये था। हालांकि हमें इसका उलटा देखने को मिला और साउथ अफ्रीका की टीम ने आसानी से रन बना डाले। भारतीय टीम की गेंदबाजी और गेंदबाजी बदलाव सटीक नहीं थे। केएल राहुल पहली बार कप्तानी कर रहे थे इस कारण से उनकी ज्यादा आलोचना नहीं की जा सकती थी लेकिन मुझे लगता है कि कोहली और द्रविड़ की जोड़ी को मैदान के बाहर से कप्तानी का जिम्मा संभालकर गेंदबाजी और उसके एरिया में बदलावों के लिये संदेश भेजने चाहिये थे।'

अगर ऐसा रहा तो भारत के लिये मुश्किल हो जायेगा तीसरा टेस्ट जीतना
कनेरिया का मानना है कि द्रविड़-कोहली की जोड़ी को राहुल के पास छोटे स्पेल कराकर बॉलिंग चेंज में बदलाव का संदेश भेजना चाहिये था। बुमराह, शमी और सिराज को छोटे-छोटे स्पेल डालकर साउथ अफ्रीका की टीम को कॉरिडोर में धकेलना था। वह ऑफस्टंप पर गेंद फेंककर अतिरिक्त दबाव बना सकते थे। इस दौरान कनेरिया ने साउथ अफ्रीकी खिलाड़ियों की तारीफ भी की कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने जबरदस्त वापसी की और लड़ने की काबिलियत दिखाई। ऐसे में भारत के लिये तीसरे टेस्ट मैच में वापसी करना आसान नहीं होगा।
उन्होंने कहा,'साउथ अफ्रीका की टीम को यह जीत काफी आत्म-विश्वास देगी जिसकी बदौलत उसे तीसरे टेस्ट मैच में हराना आसान नहीं होगा। भारत के पास सीरीज जीतकर इतिहास रचने का बड़ा मौका है, लेकिन अगर भारतीय टीम इसी तरह से गेंदबाजी करती रही तो उसके लिये आखिरी मैच में जीत पाना मुश्किल हो जायेगा। भारतीय बल्लेबाजों को भी रन बनाने की दरकार है।'












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