डीविलियर्स के तीखे तेवर और तूफानी शॉट, 30 गेंदों में गदर काट भारत को बुरी तरह हराया
De Villiers: एबी डीविलियर्स रिटायर भले ही हो गए हों लेकिन उनके तेवर और फुर्ती में अब भी कोई कमी नहीं है। 41 साल की उम्र में भी उन्होंने उसी नौजवान डीविलियर्स की याद दिला दी। मौका था, वर्ल्ड चैम्पियनशिप ऑफ़ लीजेंड्स का और सामने भारत की टीम थी।
बारिश से प्रभावित मुकाबले में इंडिया चैम्पियंस को दक्षिण अफ्रीका चैम्पियंस के सामने हार का सामना करना पड़ा। अफ्रीकी टीम ने 88 रनों के बड़े अंतर से मुकाबला अपने नाम किया और इसमें डीविलियर्स की तूफानी पारी काफी ख़ास रही, इस पारी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। अफ्रीका ने डकवर्थ-लुईस नियम के तहत जीत दर्ज कर ली।

एबी डीविलियर्स ने अपनी पारी में सिर्फ 30 गेंदों का सामना करते हुए धमाल मचा दिया। उन्होंने चौके और छक्कों की बारिश करते हुए भारत के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। उनका स्ट्राइक रेट 200 से ज्यादा का रहा और कुल 63 रन आए। वह मिस्टर 360 के रूप में जाने जाते हैं और वही देखने को मिला। दक्षिण अफ्रीका के इस तूफानी खिलाड़ी ने 4 छक्के और 3 शानदार चौके जमाए।
De Villiers की पारी से अफ्रीका का बड़ा स्कोर
उनकी धांसू पारी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने 6 विकेट पर 208 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। इसके बाद भारत की टीम के लिए कुछ खास बचा नहीं था। भारतीय टीम जवाबी पारी में खेलते हुए 9 विकेट पर 111 रनों का स्कोर ही हासिल कर पाई। इस तरह अफ्रीका ने एक आसान जीत दर्ज कर ली।
De Villiers के कैच ने उड़ाए होश
जहां डिविलियर्स ने बल्ले से धमाल मचाया, वहीं 41 साल की उम्र में उनकी फुर्तीली फील्डिंग ने भी दर्शकों को हैरान कर दिया। यूसुफ पठान के आउट होने का एक पल खास तौर पर चर्चा में रहा। बाउंड्री की ओर तेज़ी से दौड़ते हुए डिविलियर्स ने स्लाइड करते हुए शानदार तरीके से कैच लपका, लेकिन जब लगा कि उनका पैर सीमा रेखा को छू सकता है, तो उन्होंने हवा में ही चतुराई दिखाते हुए गेंद को सरेल एर्वी की ओर उछाल दिया।
एर्वी ने सीमा रेखा के अंदर कैच को पूरा किया। इस हैरतअंगेज़ फील्डिंग मूव ने पूरे स्टेडियम में उत्साह की लहर दौड़ा दी और सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोरी।












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