चेतेश्वर पुजारा ने ठोकी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वापसी की दावेदारी, 18वां दोहरा शतक जड़ बनाया बड़ा रिकॉर्ड
न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में जिस तरह भारतीय बैटिंग की कलई खुली थी, उसे देखकर हर कोई हैरान था। भारत को पहली पारी में खराब बैटिंग का खामियाजा मैच में भुगतना पड़ा था। टीम इंडिया हार के साथ सीरीज में पिछड़ गई है।
इस मैच में हार के बाद अगले महीने ऑस्ट्रेलिया में होने वाली बॉर्डर-गावसकर ट्रॉफी की चर्चा भी देखने को मिल रही है। वहां बैटिंग कैसी होगी, इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।इस बीच लम्बे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे चेतेश्वर पुजारा ने अपनी बैटिंग से ध्यान खींचने का काम किया है।

रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बीच मैच में पुजारा का बल्ला जमकर बोला है। उन्होंने रनों की बरसात कर दी और धमाल मचा दिया। सौराष्ट्र की पहली पारी में पुजारा का बल्ला ऐसा चला कि गेंदबाजों की बखिया उधड़ गई और फील्डर बाउंड्री पर भागकर गेंद लाते रहे।
नम्बर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए चेतेश्वर पुजारा ने शतक जमा दिया और इसे और लम्बा करते चले गए। वह शतक के बाद भी नहीं रुके और लगातार रन बनाते चले गए। पुजारा ने दोहरा शतक जड़कर इतिहास रच दिया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके बल्ले से यह 18वां दोहरा शतक निकला है। वह 234 रन बनाकर आउट हो गए।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में पुजारा के बल्ले से 66वां शतक आया है, रणजी में उन्होंने यह 25वां सैकड़ा जमाया है। 18 फर्स्ट क्लास डबल सेंचुरी के मामले में पुजारा ने इंग्लैंड के मार्क रामप्रकाश और हर्बर्ट स्टक्लिफ को पछाड़ दिया। दोनों बल्लेबाजों ने 17-17 दोहरे शतक जमाए थे।
प्रथम श्रेणी में सबसे ज्यादा दोहरे शतक का कीर्तिमान डॉन ब्रैडमैन के नाम है, उन्होंने 37 बार यह कारनामा किया था। वॉली हैमंड ने 36 और पैट्सी हेंड्रेन ने 22 डबल सेंचुरी मारी थी। पुजारा 18 दोहरे शतकों के साथ इस ग्लोबल सूची में चौथे स्थान पर हैं।
इस पारी के साथ पुजारा ने सलेक्टर्स का ध्यान खींचने का काम भी किया है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम में शामिल करने के लिए पुजारा ने दावा ठोक दिया है। उनको वहां खेलने का खासा अनुभव है। हालांकि टीम में चयन होना या नहीं होना अलग बात है। यह सलेक्टर्स के हाथ में है।












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