वर्ल्ड कप मैचों के लिए धर्मशाला में बन रही खास मिट्टी की पिचें, अलग बर्ताव करेगी विकेट
Black soil pitches at Dharmshala Stadium: अक्टूबर में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए तैयारियां काफी जोरों से चल रही हैं। स्टेडियमों की कमियों को ठीक करने के अलावा पिचों का निर्माण भी देखने को मिल रहा है। बीसीसीआई का प्रयास इस इवेंट को यादगार बनाने का है। आईसीसी की नज़रें भी इवेंट की तैयारियों की ओर है।
धर्मशाला में भी वर्ल्ड कप के मुकाबले खेले जाएंगे। 10 वेन्यू में धर्मशाला का नाम भी शामिल है। धर्मशाला में नए सिरे से पिचों का निर्माण किया गया है। खास बात यह है कि इन पिचों का निर्माण काली मिट्टी से किया गया है। पिचों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

काली मिट्टी की पिचों पर क्या होता है
काली मिट्टी की पिचों में बाउंस होता है। इन पिचों पर गेंदबाज को उछाल मिलने के अलावा बल्लेबाज के लिए भी काम आसान हो जाता है। इसके अलावा एक और खास बात यह भी है कि काली मिट्टी से बनी पिचों को टूटने में समय लगता है। ये जल्दी नहीं बिखरती हैं।
काली और लाल मिट्टी की पिचों में अंतर
काली मिट्टी की पिचें ज्यादा चलती है लेकिन लाल मिट्टी से बनी पिचें जल्दी टूट जाती हैं और इनमें दरारें बढ़ जाती हैं। लाल मिट्टी से बनी पिचों पर स्पिनरों को मदद मिलती है। बैटिंग करना उतना आसान काम नहीं होता है। इसके अलावा लाल मिट्टी की पिचों में गेंद ज्यादा बाउंस भी नहीं करती।
वर्ल्ड कप में कुल दो वेन्यू रखे गए हैं। इनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई के अलावा बेंगलुरु, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुणे, धर्मशाला और लखनऊ का नाम शामिल है। लखनऊ की पिचों का निर्माण भी नए सिरे से किया जा रहा है। आईपीएल में देखा गया था कि किस तरह वहां लगातार कम स्कोर बने थे।
धर्मशाला में होने वाले वर्ल्ड कप मैच
7 अक्टूबर को बांग्लादेश बनाम अफगानिस्तान
10 अक्टूबर को इंग्लैंड बनाम बांग्लादेश
17 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका बनाम नीदरलैंड्स
22 अक्टूबर को भारत बनाम न्यूजीलैंड
28 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया बनाम न्यूजीलैंड












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