'पहले वाला बंदा नहीं रहा रोहित, बॉडी लैंग्वेज बता रही है कप्तानी भी ज्यादा नहीं टिकने वाली'
नई दिल्ली, 2 सितंबर: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और आज के समय के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में एक मोहम्मद हफीज ने भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा के ऊपर अजीबोगरीब टिप्पणी की है। लेकिन इसके लिए हफीज के पास अपने तर्क मौजूद हैं जिनसे क्रिकेट फैंस खासकर भारतीय फैंस सहमत हो भी सकते हैं और नहीं भी। हफीज को आमतौर पर नापतोल कर बोलने वाला इंसान माना जाता है और उनका मानना है कि रोहित शर्मा की कप्तानी ज्यादा लंबे समय तक चलने वाली नहीं है क्योंकि उनकी बॉडी लैंग्वेज कमजोर है।

रोहित शर्मा अब खेल का लुत्फ नहीं उठा पा रहे
हफीज का यह बयान तब आया जब भारत ने हांगकांग के खिलाफ 40 रन से जीत दर्ज करने के बाद एशिया कप के सुपर चार चरण में जगह बना ली। इस दौरान हाफिज पीटीली के लिए मैच की एनालिस कर रहे थे और उन्होंने रोहित शर्मा की शारीरिक भाषा को पकड़ते हुए कहा कि यह पहले वाले रोहित नहीं है। हफीज का मानना है कि रोहित शर्मा अब खेल का लुत्फ नहीं उठा पा रहे हैं।

अपने रंग में नहीं
बता दे उस खेल में भारतीय क्रिकेट टीम के टॉप के तीन बल्लेबाज वैसे भी अपने रंग में नहीं थे। केएल राहुल और विराट कोहली धीमी पारियां खेलने वाले खिलाड़ी थे तो रोहित शर्मा ने तेज 21 रन बनाए लेकिन उसके बाद आगे नहीं बढ़ सके। यह केवल सूर्यकुमार यादव थे जिन्होंने 26 गेंद पर 68 रनों की तूफानी पारी खेली और भारत को जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सूर्यकुमार यादव के दम पर ही भारत 192 रन बना पाया जिसके चलते विराट कोहली की हाफ सेंचुरी पूरी तरह ढक गई थी।

रोहित शर्मा के हावभाव को देखिए
भारत को यह मैच काफी बड़े अंतर से जीतना चाहिए था लेकिन हांगकांग भी 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 152 रनों का काफी अच्छा स्कोर खड़ा करने में कामयाब रहा। कुल मिलाकर भारत के लिए यह मुकाबला कुछ खास नहीं था और उनको आने वाले समय में अपने आपको और बेहतर करना होगा। प्रोफेसर के नाम से चर्चित 41 साल के हफीज आगे कहते हैं कि, आप रोहित शर्मा के हावभाव को देखिए। मैच को खत्म करने के बाद रोहित शर्मा के हावभाव फीके से थे।

बॉडी लैंग्वेज कमजोर दिखाई दे रही है
"वह 40 रनों के अंतर से जीते थे, यह कम नहीं होता लेकिन जब रोहित शर्मा टॉस के लिए बाहर आए तब भी उनकी बॉडी लैंग्वेज कमजोर दिखाई दे रही थी। मुझे लगता है वे थोड़े भयभीत और कंफ्यूज हैं। ये वो रोहित शर्मा नहीं है जिनको मैं जानता हूं। वो रोहित तो बहुत बड़ी बड़ी पारियां खेला करते थे।"
मोहम्मद हफीज का मानना है कि कप्तानी की वजह से रोहित शर्मा के ऊपर काफी बोझ आ गया है। यह वही कप्तानी है जो रोहित शर्मा के ही हमउम्र विराट कोहली ने अपनी इच्छा से छोड़ी थी और बाद में रोहित को तीनों फॉर्मेट की कप्तानी दी गई। रोहित इतना भार सहन कर पाएंगे या नहीं यह तो समय ही बताएगा लेकिन हफीज के मुताबिक कप्तानी फिलहाल उनके लिए ठीक नहीं है।

मुझे उन्हें देखकर दुख होता है
हफीज कहते हैं, "मुझे लगता है कप्तानी उनके साथ दिक्कत कर रही है। उनका आईपीएल काफी खराब था। उसके बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी भी इतनी बढ़िया नहीं हुई है। और बहुत सी चीजें कह रहे हैं जैसे कि हम लोग पॉजिटिव क्रिकेट खेलेंगे, हम ऐसा करेंगे, वैसे करेंगे। लेकिन यह उनकी अपनी खुद की बॉडी लैंग्वेज में नहीं दिख रहा है। बातें बनाना आसान है लेकिन करना मुश्किल है। और यह मेरी कोई भविष्यवाणी नहीं है लेकिन मुझे लगता है कि रोहित शर्मा के लिए कप्तानी जारी रखना मुश्किल होगा। मैंने उनको लुत्फ उठाते हुए देखा है लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि वह खुद में सिमट गए हैं। कहीं खो से गए हैं और उनके ऊपर बहुत सारा दबाव महसूस होता है। मुझे उन्हें देखकर दुख होता है।"












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