Nandu Natekar थे बैडमिंटन की दुनिया के असली हीरो, 15 साल में जीते 100 से अधिक खिताब
Badminton legend Nandu Natekar: भारत में बैडमिंटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले पहले खिलाड़ी नंदू नाटेकर को आज भी याद किया जाता है। उन्होंने अपने शानदार खेल, तेज़ रिफ्लेक्स और बेहतरीन तकनीक से न सिर्फ देश के लिए पहला इंटरनेशनल खिताब जीता, बल्कि कई युवाओं के लिए प्रेरणा भी बने। साल 2021 में आज ही के दिन यानी 28 जुलाई को 88 साल की उम्र में नंदू नाटेकर का निधन हो गया था।
नंदू नाटेकर ने बैडमिंटन में छोड़ी छाप (Badminton legend Nandu Natekar)
नंदू नाटेकर का जन्म 12 मई 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। साल 1956 में उन्होंने मलेशिया के सेलांगर इंटरनेशनल टूर्नामेंट में जीत हासिल कर इतिहास रचा। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बने। यह एक ऐसा पल था जिसने भारत को बैडमिंटन के नक्शे पर मजबूती से खड़ा कर दिया। इसके बाद से इस खेल में भारत लगातार आगे बढ़ता चला गया।

15 साल में जीते 100 से अधिक खिताब
अपने 15 साल लंबे करियर में उन्होंने 100 से भी ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिताब अपने नाम किए। वे 17 बार नेशनल चैंपियन रहे, जिसमें 6 सिंगल्स, 6 डबल्स और 5 मिक्स्ड डबल्स खिताब शामिल हैं। खास बात ये रही कि साल 1961 में उन्होंने एक ही वर्ष में सिंगल्स, डबल्स और मिक्स्ड डबल्स तीनों खिताब जीते, जो एक अनोखा रिकॉर्ड है। ये उपलब्धि आज तक किसी भारतीय पुरुष खिलाड़ी ने दोहराई नहीं है।
1961 में मिला था पहला अर्जुन पुरस्कार
नाटेकर ने 1951 से 1963 के बीच भारत के लिए थॉमस कप में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 12 सिंगल्स और 8 डबल्स मैच जीतकर टीम को मजबूती दी। वे एक समय विश्व रैंकिंग में तीसरे नंबर पर थे, जो उस समय भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी। उन्हें साल 1961 में पहला अर्जुन पुरस्कार भी मिला। यह पुरस्कार भारतीय खेलों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को दिया जाता है। 28 जुलाई 2021 को 88 साल की उम्र में उनका निधन हो गया, लेकिन उनका योगदान हमेशा खेल प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेगा।












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