All England Open Final: लक्ष्य सेन इतिहास रचने से चूके, फाइनल में मिली हार
मुंबई : भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप में इतिहास रचने से चूक गए हैं। लक्ष्य टूर्नामेंट के फाइनल में हार गए हैं। उन्हें डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन ने सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा। विक्टर ने यह मैच 21-10, 21-15 से अपने नाम किया। 20 वर्षीय लक्ष्य सेन ने पूरे टूर्नामेंट में कड़ी मेहनत की। उन्होंने सेमीफाइनल में गत चैंपियन के ली जिजिया को हराकर सबको हैरान कर दिया था, लेकिन फाइनल में उनके अनुभव की कमी दिखी।

वहीं विक्टर ने दूसरी बार टूर्नामेंट जीता। उन्होंने इससे पहले 2020 में टूर्नामेंट जीता था। नंबर 1 विक्टर ने मैच की जोरदार शुरुआत की और 5-0 की बढ़त बना ली। उसके बाद सेन को कुछ अंक मिले। हालांकि विक्टर ने इस बढ़त को कम नहीं होने दिया। उन्होंने पहला गेम 22 मिनट में जीता। दूसरे गेम में भी विक्टर ने 2-0 की बढ़त बना ली। उसके बाद सेन ने संघर्ष करते हुए स्कोर को 4-4 से बराबरी पर ला दिया। इसके बाद विक्टर ने लगातार 4 अंक अर्जित करते हुए 8-4 की बढ़त बना ली। फिर भी सेन ने उनका डटकर सामना किया, लेकिन बात नहीं बनी। विक्टर ने दूसरा गेम 31 मिनट में जीता।
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बता दें कि लक्ष्य सेन और विक्टर एक्सेलसेन के बीच यह छठा मैच था। इनमें से पांच में विक्टर ने जीत हासिल की है। केवल एक बार सेन जीता है। लक्ष्य 21 साल बाद भारतीय पुरुष बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे थे, लेकिन 21 साल बाद भी भारतीयों का खिताब जीतने का सपना पूरा नहीं हो पाया। गाैर हो कि इससे पहले, भारत के केवल प्रकाश पादुकोण ने 1980 में और 2001 में पुलेला गोपीचंद ने टूर्नामेंट जीता था। लक्ष्य सेन ने इस साल विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक अपने नाम किया था।
ऑल-इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप के पुरुष एकल फाइनल के बाद मीडिया से बात करते हुए विक्टर एक्सेलसन के बारे में कहा, 'लक्ष्य मेरे लिए चुनाैतीपूर्ण थे। बचाव के साथ-साथ वह अटैक भी कर रहे थे। उन्होंने वास्तव में अच्छा खेल खेला।'' वहीं एक सवाल का जवाब देते हुए लक्ष्य सेन ने माना, ''पहले गेम की शुरुआत में मैंने काफी गलतियां कीं। इससे मुझे पहला गेम गंवाना पड़ा।'' सिर्फ 20 साल के सेन ने नहीं सोचा था कि वह घबराए हुए हैं। उन्होंने कहा, 'मैच से पहले काफी दबाव था। लेकिन एक बार जब मैंने कोर्ट में प्रवेश किया, तो यह सिर्फ एक और मैच था। मुझे लगता है कि मैं अच्छा बैडमिंटन खेल रहा हूं। इससे मुझे काफी आत्मविश्वास भी मिलता है।''












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