Delhi LPG Price Hike: दिल्ली में बढ़े कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम, 2 जून को 19KG सिलेंडर कितने का हुआ?
Delhi LPG Price Today: जून महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर में कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 42 रुपये से 53.50 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। नई दरें 1 जून 2026 से लागू हो गई हैं।
हालांकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ईंधन आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
Delhi Commercial LPG Price To day 2 June: दिल्ली में कितना हुआ कमर्शियल LPG सिलेंडर का नया रेट?
ताजा संशोधन के बाद दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 42 रुपये बढ़कर 3,113.50 रुपये हो गई है।
दिल्ली में LPG के ताजा रेट
- 19 किलोग्राम कमर्शियल LPG सिलेंडर: ₹3,113.50
- 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर: ₹821.50
- 14.2 किलोग्राम घरेलू LPG सिलेंडर: कोई बदलाव नहीं
किन लोगों पर पड़ेगा असर?
कमर्शियल LPG सिलेंडर का उपयोग मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरिंग व्यवसाय, छोटे और मध्यम कारोबारी प्रतिष्ठान द्वारा किया जाता है। ऐसे में इस बढ़ोतरी का सीधा असर व्यापारिक गतिविधियों और खाद्य सेवाओं की लागत पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में होटल और रेस्तरां उद्योग में कुछ उत्पादों की कीमतों पर इसका प्रभाव दिखाई दे सकता है।
सरकार और तेल कंपनियों ने फिलहाल घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे करोड़ों परिवारों को राहत मिली है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों से ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव को लेकर चिंता बनी हुई थी।
क्यों बढ़ाई जा रही है LPG रिजर्व की तैयारी?
देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं को देखते हुए सरकार ने तेल विपणन कंपनियों को LPG का पर्याप्त भंडार रखने के निर्देश दिए हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 90% LPG आयात खाड़ी देशों से होता है। करीब 65% प्राकृतिक गैस आयातित है। लगभग 40% कच्चा तेल (Crude Oil) विदेशों से आता है। पश्चिम एशिया में किसी भी प्रकार का तनाव या आपूर्ति बाधा भारत के ऊर्जा बाजार पर सीधा असर डाल सकती है। यही वजह है कि सरकार अब दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
आम आदमी की जेब पर क्या होगा असर
भले ही सरकार ने घरेलू रसोई गैस (Domestic LPG) की कीमतों को स्थिर रखकर सीधे तौर पर आम गृहणियों को बचा लिया है, लेकिन कमर्शियल गैस की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी आम आदमी की जेब पर ही असर डालेगी। होटल, रेस्तरां, ढाबा और कैफे संचालकों की इनपुट कॉस्ट बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में बाहर खाना-पीना, शादियों के कैटरिंग चार्ज, हलवाई का खर्च और सुबह का चाय-नाश्ता महंगा होना लगभग तय माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी बनी रहती है या पश्चिम एशिया का संकट गहराता है, तो आने वाले महीनों में LPG कीमतों पर और दबाव बन सकता है। हालांकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। फिलहाल, 2 जून 2026 से देशभर में कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा हो चुका है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत बरकरार है।














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