वाह रे यूपी पुलिस ! खोखली कार्यवाही की खुली पोल, 3 साल पहले मृत को मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का आदेश

UP Police : शाहजहांपुर पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को शांति भंग की धाराओं में नोटिस भेजकर मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का फरमान जारी कर दिया है जो तीन साल पहले ही मर चुका है।

UP Shahjahanpur Police challan of person who passed away 3 years ago shanti bhang

उत्तर प्रदेश की शाहजहांपुर पुलिस इन दिनों अपनी अनोखी कार्यशैली की वजह सुर्खियों में छाई हुई है। जिले में अपराधी भले ही अपराध करके खुले आम घूम रहे हो लेकिन यहां की तेज तर्रार पुलिस को अब मुर्दों से भी शांति भंग होने का खतरा सता रहा है। शाहजहांपुर पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को शांति भंग की धाराओं में नोटिस भेजकर मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का फरमान जारी कर दिया है जो तीन साल पहले ही मर चुका है। अब मुर्दे को कोर्ट में पेश करने की परिवार के सामने बड़ी चुनौती है।

UP Shahjahanpur Police challan of person who passed away 3 years ago shanti bhang

मृत व्यक्ति को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की चुनौती
दरअसल, पूरा मामला शाहजहांपुर के थाना निगोही क्षेत्र के ढकिया तिवारी का है। यहां रहने वाले रमेश सिंह ने बताया उसका किसी से खेत को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते पीड़ित ने थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने उसकी कोई शिकायत तो सुनी नही उल्टा उसके मरे हुए पिता के खिलाफ कार्यवाही कर दी । रमेश सिंह ने बताया उसके पिता राधेश्याम सिंह की 3 वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। पुलिस ने बिना किसी मामले की जांच के उसके पिता के खिलाफ कार्यवाही कर दी। अब वह पिता जी को जमानत कराने के लिए कहा से लाए। वहीं पुलिस के इस कारनामे के बाद उनके अधिकारी इसे मानवीय गलती बता रहे हैं और मामले में जांच की बात कर रहे।

UP Shahjahanpur Police challan of person who passed away 3 years ago shanti bhang

पुलिस पहले भी कर चुकी है ऐसे कारनामे
आपको ये जानकार हैरानी होगी कि यह मानवीय गलती उत्तर प्रदेश पुलिस से कोई पहली बार नहीं हुई है। जनवरी 2021 में हरदोई जिले के बघौली थाने की पुलिस ने नीभी गांव निवासी राम आसरे के घर शांति भंग की कार्यवाई की नोटिस एसडीएम सदर कोर्ट से पहुंची थी। गौरतलब है कि इस नोटिस में नौ लोगों के नाम शामिल थे। वहीं इस नोटिस में एक नाम हरिश्चंद्र का भी था, जिनके खिलाफ नोटिस था और उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना था। लेकिन वह हो नहीं पाए क्योंकि उनकी 3 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी थी। तब भी उसे मानवीय गलती करार दे दिया गया था। बहरहाल पुलिस की कार्यप्रणाली पर तब भी सवाल खड़े हुए थे और आज भी पुलिस के इस कारनामे के चलते अच्छी खासी फजीहत हो रही है।

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