Anuj Chaudhary CO Sambhal की कहानी, पहलवानी छोड़ बने DSP, संभल हिंसा के दौरान लगी थी गोली
Anuj Chaudhary Sambhal CO: उत्तर प्रदेश में होली 2025 से पहले संभल के सीओ अनुज चौधरी एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। 14 मार्च को होली और जुमा के एक ही दिन पड़ने को लेकर डीएसपी अनुज चौधरी ने विवादित टिप्पणी कर दी, जिससे राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल मच गई। अनुज चौधरी ने कहा था कि जुमा साल में 52 बार आता है, जबकि होली साल में सिर्फ एक बार।
सीओ अनुज चौधरी ने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि अगर उन्हें रंग लगने से दिक्कत है, तो वे घर पर ही नमाज अदा करें या फिर बाहर निकलें तो रंग लगने का बुरा न मानें। उनके इस बयान पर सपा नेता राम गोपाल यादव और देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कड़ी आपत्ति जताई है। सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने अनुज चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "संभल में हुए दंगों के पीछे अनुज चौधरी का ही हाथ था। उन्होंने ही पुलिस को गोली चलाने के आदेश दिए थे। क्या वह कभी ठीक बात करते हैं? ऐसे लोग एक दिन जेल में होंगे।"

Anuj Chaudhary journey From wrestling to UP Police: अनुज चौधरी का पहलवानी से यूपी पुलिस डीएसपी तक का सफर
अनुज चौधरी मूल रूप से मुजफ्फरनगर के बहेड़ी गांव के रहने वाले हैं। वे खेल कोटे से उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे और एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान रह चुके हैं। 1997 से 2014 तक वे नेशनल चैंपियन रहे। 2001 में उन्हें लक्ष्मण अवॉर्ड और 2005 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 2012 में खेल कोटे से उन्हें डिप्टी एसपी बनाया गया।

पहले भी विवादों में रहे हैं अनुज चौधरी
यह पहली बार नहीं है जब अनुज चौधरी विवादों में आए हैं। मुरादाबाद में तैनाती के दौरान उनकी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से बहस हो गई थी। आजम खान ने उन पर पार्टी का एहसान जताया, लेकिन अनुज चौधरी ने सख्त जवाब देते हुए कहा था, "मुझे अर्जुन अवॉर्ड मिला है, वह किसी के एहसान से नहीं मिलता।"
संभल हिंसा के दौरान गोली लगी थी
संभल में पिछले साल विवादित ढांचे के सर्वे के दौरान हुए बवाल में पुलिसकर्मियों पर गोलियां चली थीं, जिसमें अनुज चौधरी को भी गोली लगी थी। इस पर उन्होंने बयान दिया था, "हम मरने के लिए पुलिस में नहीं आए हैं। हमें भी आत्मरक्षा का अधिकार है, अगर गोली चलेगी तो हम भी बचाव में गोली चलाएंगे।" संभल हिंसा के बाद नए साल के मौके पर कार्तिकेय महादेव मंदिर की रथयात्रा में वे वर्दी में हनुमान जी की गदा लेकर चलते नजर आए थे। इस पर कई लोगों ने पुलिस मैनुअल का उल्लंघन बताते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की थी।

यह भी पढ़ें- जुमा साल में 52 बार, होली 1 बार, अगर दिक्कत है तो..., संभल के सिंघम CO अनुज चौधरी ने दी सख्त हिदायत












Click it and Unblock the Notifications