UPSC Result 2023: पिता ने कहा था कुछ बड़ा करना है, सागर के शुभम ने UPSC निकाल ली

UPSC Result 2023: सागर के बीना तहसील के सामान्य परिवार के शुभम ठाकुर का चयन हुआ है। उनकी 466वीं रैंक लगी है। सबसे खास बात शुभम ने हिन्दी मीडियम में पढ़ाईकर, साक्षात्कार देकर यह मुकाम हासिल किया है।

Sagar: UPSC: हिन्दी मीडियम से परीक्षा-इंटरव्यू देकर 466वीं की हासिल

मंगलवार को संघ लोक सेवा आयोग के परीक्षा परिणाम घोषित हुए। जिसमें मुरयाना प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक प्रवेश सिंह ठाकुर के पुत्र शुभम सिंह ठाकुर का चयन हुआ है। शुभम को 466वीं रैंक हासिल हुई है। परीक्षा परिणाम आने के बाद उसके कटरा वार्ड स्थित घर पर शुभकामनाएं देने वालों का तांता लग गया। लोगों ने परिवार की तपस्या और शुभम के लिए बधाई दी। पिता प्रवेश सिंह ठाकुर ने कहा कि शुभम का एक ही लक्ष्य था। जिसे उसने हासिल किया। हम सभी बेहद खुश हैं। मां सहित अन्य स्वजनों ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।
Sagar: UPSC: हिन्दी मीडियम से परीक्षा-इंटरव्यू देकर 466वीं की हासिल

इंदौर-दिल्ली में रहकर तैयारी करते रहे शुभम
शुभम ने 2015 में सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से कक्षा बारहवीं उत्तीर्ण करने के बाद ग्रेज्युएशन करने के लिए बीना से सागर आ गए थे। एक साल बाद इंदौर पहुंचे और वहां बीएससी में ग्रेज्युएशसन करने के बाद बीएड किया। 2019 तक शुभम इंदौर में रहे, फिर एमपीपीएससी और यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली पहुंच गए। यूपीएससी के साथ-साथ एमपीपीएससी की परीक्षा भी शुभम ने दी है। जिसमें उसका इंटरव्यू हुआ है। जल्द ही परीक्षा परिणाम सकारात्मक आने की उम्मीद है।

पिता की इच्छा थी, बेटा कुछ बड़ा करेगा
शुभम ने कहा कि फिलहाल खुश हूं, शब्दों में इसे व्यक्त कर पाना संभव नहीं है। शुभम ने बताया कि यूपीएससी की तैयारी उसे ग्रेजुएशन के बाद से शुरू की। इसके पहले तय नहीं था कि करना क्या है। पिता की इच्छा थी कि कुछ बड़ा किया जाए। समाज सेवा, समाज में बदलाव सिविल सर्विसेज के माध्यम से ही हो सकता है, इसलिए यूपीएससी देने का विचार किया। यह शुभम का तीसरा प्रयास था। इसे पहले 2020, 21 में परीक्षा दी थी।

Recommended Video

    गौतमबुद्ध नगर: UPSC का रिजल्ट घोषित इशिता किशोर ने किया ऑल इंडिया टॉप

    हर बार रिवाइज करने में कुछ नया मिलता था
    शुभम ठाकुर ने बताया कि सबसे पहले बेसिक कम्प्लीट करना जरूरी है। इसके लिए एनसीईआरटी को प्राथमिकता दी जाती है। इसके बाद रेफरेंस बुक ले सकते हैं। मेरी कोशिश रही है कि जो पढ़ा है, उसे बार-बार रिवाइज करते रहें। हर बार रिवाइज करने में नया प्वाइंट मिल जाता था। कंटीन्यूटी बनाए रखना जरूरी है। शुभम ने बताया कि उन्होंने रोजाना छह से सात घंटे पढ़ाई की। कुछ पल ऐसे भी आए जब लगा कि लंबा समय बीत गया तैयारी करने में, लेकिन माता-पिता ने समझाया और प्रोत्साहित किया।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+