संत शिरोमणि रविदासजी 600 साल पहले सागर आए थे, अब यहीं उनका 'संत रविदास लोक' बन रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) सागर के बड़तूमा में 100 करोड़ की लागत से बनने वाले संत शिरोमणि रविदास (Sant Shiromani Ravidas) मंदिर का भूमिपूजन करेंगे। यह स्थान सागर सहित देश का पहला और भव्य और दिव्य स्थान होगा जहां संत की स्मृतियां, ​जीवनवृत, संस्मरण, शिक्षा से रूबरू हो सकेंगे। इस मंदिर को सागर में बनाने के पीछे बहुत बड़ा कारण संत रविदास का सागर कनेक्शन भी रहा है। अनुयाईयों के अनुसार संत रविदास करीब 600 साल पहले सागर पधारे थे।

PM मोदी जिन संत रविदास मंदिर की आधार शिला रखेंगे, वे 600 साल पहले सागर आए थे

सागर-छतरपुर मार्ग पर मुख्यालय से महज चंद किलोमीटर दूर कर्रापुर में संत रविदास करीब 600 साल पहले आए थे। वे बनारस से चित्तौड़गढ़ जाते समय सागर में रुके थे। उस समय कर्रापुर को कुंतलपुर फिर बाद में केहरपुर के नाम से जाना जाता था। संत रैदास ने यहां जिस स्थान पर रुककर अनुया​ईयों को सत्संग सुनाया था। उस स्थान पर आश्रम और उनकी स्मृति के रुप में रैदास कुंड आज भी मौजूद है।

संत रविदास (रैदास) और राजा से जुड़ा किस्सा भी चर्चित है
संत रविदास जब सागर के कुंतलपुर वर्तमान कर्रापुर में 600 साल पहले आए थे, उस समय का तत्कालीन राजा चंद्रहास से जुड़ा एक किस्सा भी उनके अनुयाई सुनाते हैं। गुरु रविदास आश्रम धाम कर्रापुर के सेवादार सह-संचालक संतोष दास बाबा किस्सा सुनाते हुए बताते हैं कि तत्कालीन राजा चंद्रहास को जब रैदास जी के यहां आने की सूचना मिली तो राजा उनसे मिलने आए थे। महल में आतिथ्य स्वीकार करने का निवेदन किया था, लेकिन रैदास जी ने विनम्रता पूर्वक मना कर ​दिया था आबादी से दूर नगर के बाहर रुके थे।

PM मोदी जिन संत रविदास मंदिर की आधार शिला रखेंगे, वे 600 साल पहले सागर आए थे

सागर में रैदास कुंड और रैदास शिला मौजूद
कर्रापुर स्थित गुरु रविदास आश्रम धाम में राजा चंद्रहास के समय बनवाई गई पत्थर की रैदास शिला आज भी मौजूद है। वहीं रैदास कुंड भी बनवाया गया था, जो आज भी मौजूद है। संत रैदास के अनुयाई इस स्थान पर आश्रम व मंदिर में उनकी यादों और स्मृतियों को संरक्षित किए हुए हैं। अनुयाई महंत पंचमदास बताते हैं कि संत रविदासजी का जन्म काशी में हुआ था। हालांकि उनके जन्मकाल और तारीख को लेकर अलग-अलग मत हैं। उनके जीवन परिचय में इसका स्पष्ट उल्लेख भी नहीं है। भक्तमाल के अनुसार उनका जन्म 1299 ईसवीं में बताया गया है तो कहीं 1377 ईसवी कहा जाता है।

देश का सबसे भव्य और दिव्य रविदास मंदिर सागर में बन रहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार 12 अगस्त को सागर के बड़तूमा में संत रविदास लोक मंदिर निर्माण का भूमिपूजन करेंगे। 100 करोड़ की लागत से बनने वाला यह मंदिर देश में रविदासजी का इकलौता मंदिर होगा जो नागर शैली में बनेगा। यहां भक्त निवास, म्यूजियम, चार गैलरी सहित अन्य सुविधाओं का निर्माण कराया जा रहा है।

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