एक्शन में सेंट्रल जेल प्रशासन, वसूली-प्रताड़ना मामले की जांच उप अधीक्षक को सौंपी, 5 दिन में देंगे रिर्पोट
मध्य प्रदेश के सागर सेंट्रल जेल में नए बंदियों से अवैध वसूली और न देने पर बेरहमी से मारपीट की शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच बैठा दी है। उप जेल अधीक्षक 5 दिन में रिपोर्ट सौंपेंगे। जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे ने उप जेल अधीक्षक एमएल पटेल को जांच सौंपी है।

केंद्रीय जेल प्रशासन से मिली जानकारी अनुसार जेल में नए कैदियों से वसूली के मामले में जेल अधीक्षक ने उप जेल अधीक्षक एमएल पटेल को जांच सौंपी है। वे पूरे मामले की जांच करेंगे और 5 दिन में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। बता दें कि पूर्व में मीडिया के माध्यम से जेल में जाने वाले नए कैदियों से रुपयों की डिमांड की जाती है। बंदियों द्वारा यह राशि परिजन के माध्यम से वसूली जाती है। इसमें जेल के गोलियों के नाम सहित एक अधिकारी का नाम भी लिया जा है। शिकायत में बताया गया था कि जिस बंदी से पैसे नहीं आते उससे बेरहमी से मारपीट की जाती हैं। एक बंदी के परिजन ने कोर्ट में आवेदन लगाकर बंदी का हाथ तोड़ने का आरोप लगाते हुए जेल ही ट्रांसफर करवा ली थी।
आईजी तक पहुंची शिकायत जेल हेडक्वाटर को भेजी थी
वकील के माध्यम से पीड़ित के परिजन ने आईजी प्रमोद वर्मा से जेल में वसूली की शिकायत की थी। जिसके बाद आईजी ने यह शिकायत जेल हेड क्वाटर को भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सागर जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे ने मामले में उप जेल अधीक्षक एमएल पटेल को जांच करने के निर्देश दिए हैं।












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