छतरपुर: मां से प्रेरणा मिली तो 23 साल की मुस्कान ने सरपंच बनने का लिया फैसला
छतरपुर। 8 जून। छतरपुर जिले के हरपालपुर ब्लॉक के लहदरा जैसे छोटे गांव से बडी सोच लेकर एक बेटी आगे आई है। महज 23 साल की उम्र में मुस्कान सिंह ने ग्राम पंचायत में बतौर सरपंच बैठना चाहती हैं, ताकि वे अपने गांव और इलाके का विकास कर सकें। उन्होंने लहदरा पंचायत के सरपंच पद के लिए पर्चा दाखिल किया है, हालांकि उनकी पंचायत से अन्य लोग भी चुनाव लड रहे हैं, लेकिन मुस्कान का अभी से बेहतर सपोर्ट मिल रहा है।

जानकारी अनुसार छतरपुर जिले के हरपालपुर में पंचायत चुनाव के लिए 23 साल की युवती ने भी गांव में सरपंच पद के लिए नामांकन पर्चा दाखिल किया। मुस्कान सिंह ने चुनाव मैदान में ताल ठोककर समाज की रूढि़वादी सोच को टक्कर देने की पहल की है। मुस्कान फिलहाल एमएससी की डिग्री पूरी ली है और सिविल सविर्सेज की तैयारी कर रही हैं। उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाना और समाजसेवा करना है। इसके पूर्व सरपंची के माध्यम से गांव के विकास की इच्छा से सरपंची का फैसला लिया है।
पढे-लिखे लोगों का आगे आना जरुरी है
मुस्कान बताती हैं कि पंचायतों के अंदर पढे़-लिखे लोगों का आना बहुत जरूरी है। अब वह समय नहीं है जब महिलाओं को पर्दे के पीछे रहना पड़ता था। समय के साथ बदलाव आ रहा है। बेटियां भी हर वो काम कर सकती है जो पुरुष कर सकता है। वह सरपंच पद का चुनाव लड़ रही है। यदि गांव उसे मौका देता है तो वह गांव के विकास के लिए काफी काम करना चाहती है। महिला सशक्तिकरण के साथ ही गांव की मुख्य समस्याओं को प्रमुखता के साथ दूर करेगी।
माता-पिता से मिली प्रेरणा
उल्लेखनीय है कि मुस्कान की मां ममता सिंह सेंगर सहकारी सेवा समिति रानीपुरा की तीन दफा अध्यक्ष हैं और पिता लोकेंद्र सिंह भाजपा से जुडे रहे हैं। मुस्कान को ग्राम पंचायत चुनाव लडने की प्रेरणा अपने माता-पिता से ही मिली है।












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