Rampur में मुस्लिम युवती ने CM योगी आदित्यनाथ से मांगी मदद, बोली- 'छोड़ना चाहती हूं मुस्लिम धर्म'
Rampur News: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक मुस्लिम युवती ने एसपी ऑफिस के बाहर हंगामा खड़ा दिया। मुस्लिम युवती द्वारा किए गए इस हंगामे का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में मुस्लिम लड़की चीख-चीख कर बोल रही है कि 'मुझे मुस्लिम धर्म से नफरत है, मैं मुस्लिम धर्म छोड़ना चाहती हूं...योगी आदित्यनाथ सर हेल्प मी प्लीज।'

इतना ही नहीं, मुस्लिम लड़की ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद मांगी है। मुस्लिम युवती ने अपने रिश्तेदारों पर भी बेहद गंभीर आरोप लगाए है। इस मामले में दो साल पहले उसने केस दर्ज कराया था, जिसकी सुनवाई कोर्ट में चल रही है। इसी मुकदमें के संबंध में पीड़िता 21 जुलाई को कोर्ट आई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाम के वक्त पीड़ित मुस्लिम युवती एसपी ऑफिस पहुंची और हंगामा करना शुरू कर दिया। मुस्लिम युवती का आरोप था कि उसके रिश्तेदार उसे केस की पैरवी करने से रोक रहे है। इतना ही नहीं, पीड़ित मुस्लिम युवती का आरोप है कि मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हंगामे के दौरान मुस्लिम युवती ने अपने कपड़े उतारने की भी कोशिश की थी।
हालांकि, युवती द्वारा हंगामे की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस कोतवाली से महिला पुलिस मौके पर पहुंच गई और उसे पकड़कर थाने ले जाने लगी। इस दौरान मुस्लिम युवती चीख पुकार करने लगी। इस दौरान वहां खड़ी भीड़ में से किसी शख्स ने उसका वीडियो बना लिया। सोसशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में वह कहती नजर आ रही है कि मेरी सुपारी दे दी गई है। मेरी कभी भी हत्या हो सकती है। बुरके के अंदर मेरे साथ गलत काम करवाना चाहते हैं।
इस दौरान वह प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार भी लगाती है। वीडियो में मुस्लिम युवती चिल्लाते हुए कहती है कि मुझे ऐसा बुर्का नहीं चाहिए जो बुर्का नंगा करता हो। आई हेट दी मुस्लिम। मुस्लिम के खिलाफ हूं मैं। मैं मुस्लिम धर्म छोड़ना चाहती हूं। मुझे मुस्लिम धर्म से नफरत हो गई है। इस दौरान वह कहती है कि योगी आदित्यनाथ सर, हेल्प मी। इस दौरान पुलिस उसे पकड़कर अपने साथ थाने ले जाती है।
Recommended Video
वहीं, दूसरी मुस्लिम युवती के परिजनों ने उसके द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उसके परिजनों की मानें तो उन्होंने उसे साल 2015 में जायदाद से बेदखल कर दिया गया था। इसलिए उसने मुकदमा दर्ज कराया था। परिजनों ने उसके द्वारा नशे करने की बात भी कही। बताया कि महिला का ड्रामा करने के पीछे साजिश हो सकती है। वहीं, इस मामले में सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी शरद पंवार का कहना है कि युवती डिप्रेशन में लग रही थी।
उन्होंने बताया कि इस युवती को बचपन में एक महिला ने गोद लिया था। 2008 में उसकी शादी हुई थी। उसका 11 साल का बेटा है। पारिवारिक विवाद के बाद वह अपने पति से अलग रहने लगी। परवीन ने अपनी मां और कुछ रिश्तेदारों पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। इसको लेकर कोर्ट में केस भी चल रहा है। इसकी सुनवाई में वह अदालत आई थी। पुसिस ने उसे थाने ले जाकर पूछताछ की थी, बाद में उसे छोड़ दिया गया था।












Click it and Unblock the Notifications