गुजरात: शिक्षक बोले- नीची जाति का होने के कारण हमें स्कूल की नौकरी से निकाल दिया..
राजकोट। गुजरात में राजकोट के हलेन्डा गांव में एक प्राइवेट स्कूल के संचालक पर दो शिक्षकों ने गंभीर आरोप लगाए। शिक्षकों का कहना है कि नीची जाति का होने के कारण हमें नौकरी से निकाल दिया गया है। पुलिस ने दोनों शिक्षकों की शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। संवाददाता के अुनसार, यह मामला हलेन्डा गांव की शिवम स्कूल का है। जहां जगदीशभाई परमार समेत दो शिक्षकों ने संचालक विजयभाई सिध्धपरा के खिलाफ शिकायत की है।

जगदीशभाई के मुताबिक, विजयभाई सिध्धपरा ने अपने दफ्तर बुलाया था। जहां हमें कहा कि आपकी नीची जाति के होने के कारण स्टूडेंट्स नहीं आते। इसलिए, आपकी सेवा खत्म की जाती है। ऐसा सुनने पर हमने विरोध किया तो दोनों को जाति के लिए अपमानित किया गया।''
शिक्षक जगदीशभाई द्वारा इस मामले में आजीडेम थाने में संचालक के खिलाफ शिकायत की गई। जिसके चलते एससी-एसटी एक्ट के तहत संचालक विजयभाई के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। राजकोट में यह घटना सामने आने के बाद से सोशल मीडिया पर बहस होने लग गई है। राज्य में दलितों पर अत्याचार से जुड़ी खबरें आती रहती हैं, ऐसे में यह मामला सियासी बहस को भी जन्म दे सकता है।
इधर, पीएसआई ने शख्स को सरेआम लाठियों से पीटा
गुजरात में ही मोरबी के मालिया मियाना थाने के पीएसआई एवं अन्य सिपाहियों ने एक शख्स को सरेआम लाठियां मारीं। इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि पीएसआई जे.डी. झाला और उनके साथी शख्स को बुर पीट रहे हैं। झाला के खिलाफ नवलखी डिझल चोरी में आरोपियों से रिश्वत लेने का मामला भी दर्ज है। उधर, पिटने वाले शख्स के बारे में कहा जा रहा है कि वह पहले भी कई गुनाहों में पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। हाल ही में पेरोल पर छूटने के बाद किसी महिला के घरमें घूसकर तोड़फोड़ भी कर चुका होने की हकीकत सामने आई। उसके खिलाफ 52 से ज्यादा गुनाह दर्ज हो चुके हैं। उसका नाम फारुक बताया जा रहा है। कुछ दिनों पहले ही पेरोल पर छूटे फारुक ने एक महिला के घर में घुसकर जान से मारने की धमकी भी दी थी।












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