Karanpur: चुनाव हारने के बाद अब सुरेंद्रपाल सिंह टीटी भजन लाल शर्मा सरकार में मंत्री बने रहेंगे या नहीं?
Surendra Pal Singh TT Karanpur: राजस्थान की भजन लाल शर्मा सरकार को करणपुर उपचुनाव 2024 में तगड़ा झटका लगा है। चुनाव से पहले ही मंत्री बनाए गए भाजपा उम्मीदवार सुरेंद्र पाल सिंह टीटी करणपुर उपचुनाव हार गए हैं।
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की श्री करणपुर सीट के उपचुनाव 2024 में कांग्रेस के दिवंगत नेता, पूर्व विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर के बेटे रुपिंदर सिंह कुन्नर ने 11283 वोटों से जीत दर्ज की है।

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करणपुर में 5 जनवरी को मतदान हुआ था। आज 8 जनवरी को मतों की गिनती की गई। भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्रपाल सिंह ने पार्टी की खूब किरकिरी करवा दी। वे चुनाव हार गए। अब सवाल उठता है कि क्या वे चुनाव हारने के बावजूद राजस्थान सरकार में मंत्री बने रहेंगे या नहीं?
दरअसल, राजस्थान विधानसभा की 200 सीटों पर 25 नवंबर को मतदान होने थे। मतदान से पहले करणपुर में कांग्रेस विधायक व प्रत्याशी गुरमीत सिंह कुन्नर का निधन हो गया। ऐसे में करणपुर में चुनाव टाल दिए गए थे। 25 नवंबर को राजस्थान की 199 सीटों पर ही चुनाव हुए।

199 सीटों में से 115 सीट जीतकर भाजपा ने सरकार बनाई। भजनलाल शर्मा राजस्थान के नए सीएम बने। करणपुर में 5 जनवरी 2024 को मतदान होने थे। इससे पहले 30 दिसंबर को भजन लाल शर्मा सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ, जिसमें करणपुर से चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवार सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत कई नेताओं ने सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को चुनाव से पहले मंत्री बनाने का विरोध भी जताया और इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया, क्योंकि इससे करणपुर में भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्रपाल सिंह टीटी के पक्ष में मतदान होने की संभावना बढ़ गई।
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भाजपा ने करणपुर सीट जीतने के लिए एक और सियासी दांव तो 5 जनवरी को मतदान वाले दिन ही खेला। इस दिन सुरेंद्रपाल सिंह टीटी को कृषि एवं विपणन, कृषि सिंचित क्षेत्र विकास एवं जल उपयोगिता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना, अल्पसंख्यक मामलात व वक्फ बोर्ड की कमान भी सौंप दी।
अब 8 जनवरी को मतगणना हुई तो कांग्रेस प्रत्याशी रुपिंदर सिंह कुन्नर को उनके विधायक पिता के निधन के चलते सहानुभूति के भी खूब वोट मिले और मंत्री बनने के बावजूद सुरेंद्र पाल सिंह टीटी चुनाव हार गए। अब हार के बाद सवाल उठता है कि क्या सुरेंद्रपाल सिंट टीटी मंत्री बने रहेंगे या नहीं?
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नियनानुसार किसी भी सरकार में सुरेंद्रपाल सिंह टीटी की तरह किसी ऐसे व्यक्ति को भी मंत्री बनाया जा सकता है, जो विधायक नहीं हो, लेकिन यह जरूरी है कि उस व्यक्ति को मंत्री बनने के छह माह बाद किसी भी सीट से जीत दर्ज करके विधायक बनना जरूरी है।
अब राजस्थान में सभी 200 सीटों पर चुनाव हो चुके हैं। फिलहाल किसी भी सीट पर उपचुनाव प्रस्तावित नहीं हैं। ऐसे में सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को राजस्थान में मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है।












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