Rajasthan News: बीकानेर का सर्प मित्र श्याम गोविंद, जो जहरीले सांपों का करते है रेस्क्यू, देखिए VIDEO
Rajasthan News: राजस्थान में बारिश हो या गर्मी अक्सर सांपों को लेकर आमजन से लेकर किसान तक खासे परेशान रहते लेकिन इन सांपों को चुटकियों में कब्जे में लेने वाले स्नेक मैन भी कम नहीं है।
आज प्रदेश के एक ऐसे स्नेक मैन के बारे में आपकों बताएंगे जिसने कई जहरीले सांपों का रेस्क्यू कर आमजन को राहत पहुंचा दी। जानकारों की माने तो अब तक 30 हजार से ज्यादा सांपों का रेस्क्यू कर चुके है।
सांप को देखते ही लोगों के पैर कांपने लगते है। परिवार के लोग दहशत में डूब जाते है। यूं मानों की सांप को देखा नहीं खुद को सांप सुंघ जाता है। उनके रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

लेकिन राजस्थान में कुछ लोग ऐसे हैं जो जहरीले सांपों से नहीं डरते। बल्कि वो उन्हें आसानी से काबू कर लेते हैं। ग्रामीण इलाकों में आज भी सांपों की इतनी दहशत होती के किसान इन्हें देखते ही मार देते है।
आज हम आपको एक सर्प मित्र के बारे बता रहे है जो इन खतरनाक जहरीले सांपों को पल भर में काबू कर लेता है। आसपास के लोग इसे सर्प मित्र के नाम से भी जानते हैं।
बीकानेर के कोलायत तहसील के छोटे से गांव गोविंदसर के रहने वाले श्याम गोविंद बारिश के इस मौसम में बेहद व्यस्त रहते हैं। क्योंकि इस मौसम में सांप अपने बिलों से बाहर निकलते और घरों में घुस जाते है।
श्याम गोविंद को आसपास के इलाकों से दिनभर में सैकड़ों फोन आते हैं। फोन करने वाले की लोकेशन पर पहुंचकर श्याम गोविन्द किसानों के खेत-खलिहान और घरों में निकलने वाले जहरीले सांपों को सुरक्षित पकड़ कर जंगल में छोड़ देते हैं।
श्याम बताते है कि वो बचपन से ही सांप पकड़ते आ रहे हैं। सांप पकड़ने का यह हुनर उन्होंने अपने पिता से सीखा है। श्याम अब तक अनगिनत सांपों को पकड़ चुके हैं।
श्याम का कहना है कि सांप वन्य परिस्थिति के संतुलन का का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अज्ञानता में लोग उन्हें देखते ही मार देते हैं। मैंने अभी तक अनगिनत कोबरा सांप पकड़े हैं और उन्हें दूर ले जा कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ देता हूं। बेजुबान जानवरो के प्रति श्याम का इतना प्रेम है कि वे सांपों के साथ-साथ सैकड़ों गाय,हिरण, नीलगाय,मोर,बाज का रेस्क्यू कर चुके हैं।
सर्प मित्र श्याम गोविंद ने बताया कि 2012 मेरे पापा सांप पकड़ते आ रहे हैं। उस समय हम लोग छोटे-छोटे थे। उनकों ऐसा करते देख कर मुझे सांपों से लगाव सा हो गया। पिता से सांपों को काबू करना सीखकर अब तक सैकड़ों जहरीले सांपों को रेस्क्यू कर चुका हूं।
उन्होने बताया कि जहरीले सांप को पकड़ते वक्त वह छह बार स्नेक बाइट(सर्प दंश) का शिकार हो चुके है। अगर समय रहते इलाज मिल जाए तो स्नेक बाइट के बाद भी जान बच सकती है। श्याम अपने खर्चे पर इन जानवरों का रेस्क्यू करते हैं। श्याम इन जानवरों के लिए एक रेस्क्यू सेंटर की स्थापना करना चाहते हैं।
श्याम ने शौकिया तौर पर सांपों के रेस्क्यू ऑपरेशन के वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए थे, जिसके बाद लोगों ने भी श्याम के जीव रक्षा की मुहिम का साथ दिया। आज फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब पर श्याम के 1 मिलियन से ज्यादा फालोवर्स है।












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