सुभाष चंद्र बैरवाल : गर्भवती पत्नी ने शहीद पति की मूंछों पर दिया ताव, हजारों लोग पहुंचे अंतिम दर्शन करने
सीकर, 18 अगस्त। वतन पर मर मिटे सुभाष चंद्र बैरवाल की पार्थिव देह बुधवार को सीकर के धोद इलाके में उनके उनके पैतृक गांव शाहपुरा पहुंची। हां पर बारिश व गमगीन माहौल उनका अंतिम संस्कार किया गया। पति का शव देख वीरांगना सरला बेसुध हो गई। आठ माह की गर्भवती पत्नी ने शहीद पति की पार्थिव देह के पास बैठकर उनकी मूंछों के ताव लगाया। यह देख हर किसी की आंखें भर आई।

छोटे भाई मुकेश ने मुखाग्नि दी
बता दें कि बारिश के बीच किए जा रहे अंतिम संस्कार में शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। शहीद सुभाष चंद्र बैरवाल की चिता को उनके छोटे भाई मुकेश ने मुखाग्नि दी। इससे पहले पार्थिव देह जैसे ही उनके घर पहुंची तो कोहराम मच गया।

छोटे भाई-बहनों के आंसू नहीं रुके
तिरंगे में लिपट कर आए अपने भाई को देखकर छोटे भाई-बहनों के आंसू नहीं रुके। शहीद कांस्टेबल की पत्नी ने आखिरी दर्शन करते समय गर्व से सुभाष की मूछों पर ताव देते हुए उन्हें सेल्यूट किया। इसके बाद गांव की गलियों से जब शहीद की अंतिम यात्रा निकली तो बच्चा बच्चा रो उठा। अंतिम दर्शनों के लिए जुटे हजारों लोगों की भी आंखें नजर आई।

सुबह अपने पीहर फतेहपुर से ससुराल पहुंची
इससे पहले आज सुबह ही शहीद के परिवार के बेटे की शहादत की जानकारी दी गई। वहीं पत्नी सरला को बुधवार शाम को सुभाष की शहादत की जानकारी दी गई। शहीद की पत्नी 8 माह की गर्भवती है और रक्षाबंधन के लिए अपने पीहर गई हुई थी। वह अपने माता-पिता के साथ सुबह अपने पीहर फतेहपुर से ससुराल पहुंची।

शहीद का पूरा गांव भी इस यात्रा में शामिल हुआ
श्रीनगर में शहीद को श्रद्धांजलि देने के बाद दिल्ली के लिए रवाना किया गया। इसके बाद दिल्ली से बुधवार रात सीकर लाया गया। यहां सीकर के प्रिंस स्कूल में बच्चों और शहर के लोगों ने उन्हें नमन किया। इसके बाद तिरंगा यात्रा के साथ शहीद की पार्थिव देह को गुरुवार सुबह 9:00 बजे उनके पैतृक गांव शाहपुरा के लिए रवाना किया गया। सेना और पुलिस के जवानों के साथ बड़ी संख्या में युवा भी इस यात्रा में शामिल थे। शहीद का पूरा गांव भी इस यात्रा में शामिल हुआ।

अंतिम संस्कार उनके घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर मैदान में किया गया
मीडिया से बातचीत में शहीद सुभाष के दोस्त नेमीचंद भदाला ने बताया कि सुभाष की पत्नी सरला 8 महीने की गर्भवती है। अगले महीने वह उनकी डिलीवरी के लिए आने वाला था। लेकिन अब उनकी पार्थिव देह तिरंगे में लिपट कर आई है। अंतिम संस्कार उनके घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर मैदान में किया गया।

आईटीबीपी की बस पलटने से सात जवान शहीद हो गए थे
बता दें कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार सुबह आईटीबीपी की बस पलटने से सात जवान शहीद हो गए थे। उनमें सीकर के धोद विधानसभा के शाहपुरा के रहने वाले कांस्टेबल सुभाष चंद्र बैरवाल भी शामिल थे। शहीद की पार्थिव देह सीकर पहुंचने के बाद गांव के करीब 200 से ज्यादा युवा वाहनों से सीकर बाईपास स्थित प्रिंस स्कूल पहुंचे, जहां से तिरंगा रैली के रूप में शहीद के पार्थिव देह के साथ भारत माता की जय घोष और शहीद सुभाष चंद्र अमर रहे के नारों के साथ शाहपुरा के लिए रवाना हुए।












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