Saraswati Puja controversy: राजस्थान में ग्रामीणों व अफसरों से भिड़ी शिक्षिका, देखें वायरल VIDEO
Rajasthan Teacher Viral Video: राजस्थान में सरस्वती पूजा को लेकर नया विवाद सामने आया है। सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने सरस्वती पूजा करने में आनाकानी की तो उसका ग्रामीणों से विवाद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। (वीडियो नीचे)
मामला राजस्थान के बारां जिले की किशनगंज पंचायत समिति के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय लकडाई का है। गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान सरस्वती पूजा को लेकर विवाद हो गया। महिला टीचर का हेमलता बैरवा बताया जा रहा है।

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वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत हो रही है। बच्चों के साथ-साथ बड़ी संख्या में वहां ग्रामीण भी दिखाई दे रहे हैं। टीचर हेमलता बैरवा ने मंच पर गांधी जी, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर व सरस्वती देवी की तस्वीर लगाती हैं। उन पर फूल माला चढ़ाती है।
इस पर कुछ ग्रामीणों ने यह कहकर आपत्ति जता दी कि बच्चों की देवी तो सरस्वती है। उसकी पूजा की जाना चाहिए। ग्रामीण मंच पर पहुंचे और सरस्वती पूजा पर जोर देने लगे। महिला शिक्षिका हेमलता बैरवा ने तर्क दिया कि बच्चों की देवी स्रस्वती देवी नहीं बल्कि सावित्री फूले है।
ग्रामीणों ने शिक्षिका हेमलता बैरवा पर आरोप लगाया कि वह अंबेडकरवादी है। सरस्वती पूजा के खिलाफ है। ग्रामीणों ने टीचर पर सरस्वती की तस्वीर लगाकर उसकी भी पूजा करने का दबाव डाला। मामला बढ़ता देख टीचर ने अपने किसी अफसर को फोन लगा दिया।
फोन पर शिक्षिका ने अफसर से ग्रामीणों की शिकायत करते हुए कहा कि 'सर, मैंने सरस्वती की नहीं लगागा रखी। ये गांव वाले मेरे ऊपर फोकट में ही दबाव बना रहे हैं यहां आकर। सर आप बताओ ना सावित्री बाई फुले की कर सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में सरस्वती का क्या योगदान है?'
इसके बाद ग्रामीणों व शिक्षिका के बीच तीखी बहस हुई और आनन-फानन में शिक्षा की देवी कही जाने वाली माता सरस्वती की तस्वीर भी लाई गई और उसे भी मंच पर रखा गया। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए और गणतंत्र दिवस समारोह का संचालन हो सका।












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