Jankilal Padma Shri Award: कौन हैं जानकीलाल, जिनकी बहुरूपिया कला को पद्म श्री, कभी करते थे मिल मजदूरी
Jankilal Bhand Padma Shri Award 2024: देश की 132 हस्तियों को पद्मश्री अवार्ड प्रदान किए जाने की घोषणा हुई है। इनमें राजस्थान के चार शख्स जानकीलाल, अली-गनी मोहम्मद, लक्ष्मण भट्ट तैलंग और माया टंडन का नाम भी शामिल है।
बात अगर जानकी लाल भांड की करें तो इन्होंने मिल में मजदूरी करने से लेकर विरासत में मिली बहुरूपिया कला को जिंदा रखने और गणतंत्र दिवस 2024 की पूर्व संध्या में पद्मश्री पुरस्कार पाने वाले की सूची में जगह बनाने तक का सफर तय कर लिया।

बता दें कि 85 वर्षीय जानकी लाल भांड मूल रूप से भीलवाड़ा के रहने वाले हैं। महज 20 की उम्र में चित्तौड़गढ़ जिले से भीलवाड़ा आ गए और यहां आकर टेक्सटाइल मिल में नौकरी करने लगे। नौकरी में मन नहीं लगा तो भांड बनकर लोगों का मनोजरंजन करने में लग गए।
बीते 65 साल के दौरान जानकी लाल भांड ने गाडोलिया लुहार, कालबेलिया, काबुली पठान, ईरानी, फकीर, राजा, नारद, भगवान भोलेनाथ, माता पार्वती, साधु, दूल्हा, दुल्हन आदि के स्वांग रचकर मेवाड़ी, राजस्थानी, पंजाबी व पठानी भाषा में लोगों का मनोरंजन करते रहे।

जानकी लाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भांड कला के भरोसे पहले तो पेट भर लिया करते थे, मगर अब लोगों के पास मनोरंजन के अन्य कई साधन उपलब्ध हो गए। ऐसे में परिवार चलाना और इस कला को जिंदा रखना मुश्किल हो गया था।
जानकी लाल के दादा कालूलाल और पिता हजारी लाल भी भांड कला को जीवंत रखे थे। संगीत कला केंद्र भीलवाड़ा, राजस्थान दिवस और विश्व रंगमंच दिवस पर जानकी लाल भांड को लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड मिल चुका है। उदयपुर लोक कला मंडल, मुंबई, जोधपुर और विदेशों में उन्हें कई खिताब मिले।
जानकी लाल को साल 1986 में लंदन और न्यूयॉर्क, साल 1988 में जर्मन, न्यूयॉर्क, दुबई, मेलबर्न, रोम, बर्मिंघम और फिर लंदन में अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिला। दिल्ली में तो इनका कार्यक्रम लगातार एक माह तक चला था।












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