साध्वी योगश्री : मिलिए राजस्थान की सबसे अधिक पढ़ी-लिखी महिला महंत से, अब कर रही हैं PhD
झुंझुनूं। राजस्थान के झुंझुनूं जिला मुख्यालय से करीब 68 किलोमीटर दूर अरावली की पहाड़ियों की गोद में माता शाकम्भरी का ऐतिहासिक मंदिर है। यहीं पर पास में कोट बांध पर स्थित है योगीश्वर महादेव सिद्ध पीठ। यहां की महंत साध्वी योगश्री के पास उच्च शिक्षा की कई डिग्रियां हैं।

योगी जीवननाथ महाराज की शिष्या साध्वी योगश्री
साध्वी योगश्री ने वन इंडिया हिंदी से बातचीत में महज पांच वर्ष की उम्र में माता-पिता से साथ छूटने और फिर योगी जीवननाथ महाराज के सानिध्य में रहकर स्नातक, पीजी, एमफील डॉक्टरेट और पीएचडी करने तक की पूरी कहानी बताई। ये राजस्थान में सबसे अधिक पढ़ी-लिखी महिला महंत होने का दावा भी करती हैं।

जयपुर की रहने वाली हैं साध्वी योगश्री
साध्वी योगश्री बताती हैं कि वे मूलरूप से जयपुर के बापूनगर की रहने वाली हैं। वहीं पर 10 मार्च 1982 को जन्म हुआ। तब बाबा योगी जीवननाथ भी बापूनगर में रहा करते थे। योगश्री जब पांच साल की थीं तब इनके माता-पिता ने इन्हें योगी जीवननाथ को दे दिया था। इसके बाद माता-पिता की मौत हो गई।

बाबा ही माता-पिता, उन्होंने ने ही पढ़ाया
साध्वी कहती हैं कि बचपन में बाबा के पास आ गई थीं। फिर उन्हीं के सानिध्य में बचपन बीता और उन्होंने ने ही पढ़ाया लिखाया। वास्तविक माता-पिता का नाम तक याद नहीं। योगीश्री ने जयपुर स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय से संस्कृत व दर्शनशास्त्र से डबल एमए किया। एमफील तथा योग एवं प्राकृतिक शिक्षा में डॉक्टरेट भी की।

छात्रावास में रहकर की पढ़ाई
साध्वी ने जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की। अलवर में किराए का मकान लेकर रहीं और वहां से जीएनएम का कोर्स किया। इन सबका खर्च बाबा ने ही उठाया। वर्तमान में राजस्थान विवि के सहायक प्रोफेसर डॉ. मनीष सिनसिनवार की देखरेख में गोरक्ष दर्शन में पीएचडी कर रही हैं।

22 साल की उम्र में ली दीक्षा
योगश्री बाबा के साथ जयपुर, सरजगढ़ समेत कई आश्रम में रहीं। वर्तमान में बीते 20 साल से झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी के पास स्थित योगीश्वर महादेव सिद्ध पीठ कोट बांध में रह रही हैं। करीब 22 साल की उम्र में वर्ष 2004 में लोहार्गलजी धाम में दीक्षा प्राप्त कर संन्यासी जीवन में आ गईं।

25 अगस्त 2020 को बनीं महंत
योगीश्वर महादेव सिद्ध पीठ के महंत और अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश सह-संगठन मंत्री डॉ. योगी जीवननाथ महाराज ने 23 अगस्त 2020 को देह त्याग दी। इसके बाद साधु संत समाज ने सर्व सम्मति से 25 अगस्त 2020 को साध्वी योगश्री को यहां का महंत बना दिया।












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