Raksha Bandhan 2025: राखी बांधने आई बहन ने भाई को बचाने में लगाई जान की बाजी, क्या कोई बहन ऐसा भी कर सकती है?
रक्षाबंधन से कुछ दिन पहले दिल्ली के बेगमपुर इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ। राखी बांधने आई बहन अंजू ने अपने भाई विवेक को करंट से बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उनके पिता कालीचरण भी झुलस गए। यह घटना तब हुई जब लोहे की सीढ़ी में करंट दौड़ रहा था। परिवार और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराज़गी जताई।

भाई-बहन के प्रेम की मिसाल बनी यह घटना
भाई-बहन के अटूट स्नेह का पर्व रक्षाबंधन इस बार 9 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाई को राखी बांधकर उनके दीर्घायु होने की कामना करेंगी और भाई भी अपनी बहन को तोहफा व वचन देगा कि वे हमेशा उसकी रक्षा करेगा। इधर, दिल्ली में रक्षाबंधन से पहले, अपने भाई की जान बचाने के लिए बहन ने जान की बाजी लगा दी। हालांकि दोनों ही नहीं बच सके। मामले ने हर किसी को झकझोर दिया।
तीन माह पहले हुई थी बहन की शादी
यह दिल दहला देने वाली घटना दिल्ली के बेगमपुर इलाके के राजीव नगर की है। 28 वर्षीय अंजू की तीन माह पहले शादी हुई थी। शादी के बाद वह हाल ही में रक्षाबंधन पर 26 वर्षीय भाई विवेक के राखी बांधने आई थी।
लोहे की सीढ़ी में आ रहा था करंट
एक स्कूल में सिक्योरिटी गार्ड का काम करने वाला विवेक भी शादीशुदा है। उसके दो साल का बेटा है। मृतक के चाचा के अनुसार बीती रात करीब 10 बजे घर में बनी लोहे की सीढ़ी में करंट आ रहा था, जिसकी चपेट में विवेक आ गया।
भाई को बचाते हुए बहन और पिता भी झुलसे
जब बहन अंजू को पता चला कि उसके भाई विवेक को करंट लग गया तो वह अपनी जान की परवाह किए बगैर भाई को बचाने में जुट गई और इस दौरान खुद भी करंट की चपेट में आ गई। पिता कालीचरण ने भी बेटा व बेटी को करंट से बचाने के लिए जान की बाजी लगा दी। हादसे में तीनों बुरी तरह से झुलस गए।
मां ने बचाया एक और बेटे को
उस वक्त विवेक का बड़ा भाई भी घर में मौजूद था। वह भी भाई-बहन व पिता को करंट से बचाने के लिए दौड़ा, मगर एक के बाद एक परिवार के तीन सदस्य करंट की चपेट में आ जाने से मां ने उसे रोक दिया था। डर था कि वह भी चपेट में ना आ जाए।
बहन-भाई की मौत, पिता अस्पताल में भर्ती
परिजनों को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बहन अंजू व भाई विवेक को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से झुलसे पिता कालीचरण को अस्पताल में भर्ती कर उनका उपचार शुरू किया।
स्थानीयों का गुस्सा, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद बेगमपुर इलाके के राजीव नगर के लोगों ने विद्युत निगम के प्रति रोष जताया और कहा कि बिजली के खंभों पर तारों का जाल बना हुआ है, जिसे ठीक करने के लिए विद्युत विभाग को कई बार कह चुके हैं, मगर समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
अर्थिंग की शिकायत पहले भी थी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घर पर लगे विद्युत मीटर के अर्थिंग तार में पहले भी करंट आने की शिकायत की गई थी। आशंका है कि उसी के चलते लोहे की सीढ़ी में करंट प्रवाहित हुआ, जिससे यह हादसा हुआ।
घटना पर पुलिस का क्या कहना?
रोहिणी जिले के पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि बुधवार देर रात करीब 10:56 बजे एक कॉलर ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी कि राजीव नगर बी ब्लॉक के एक मकान में तीन लोग बिजली के करंट की चपेट में हैं और तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराई जाए। कॉल मिलते ही पुलिस टीम ने बिजली विभाग से संपर्क किया और मौके पर रवाना हो गई।
मौके पर पहुंचने पर पुलिस को अभिषेक नामक युवक मिला, जिसने बताया कि हादसे में घायल तीनों परिजन को अस्पताल पहुंचाया जा चुका है। इसके बाद पुलिस ने क्राइम और फोरेंसिक टीम को सूचित किया और तुरंत अस्पताल जाकर स्थिति की जानकारी ली। वहां डॉक्टरों ने पुष्टि की कि विवेक और उसकी बहन अंजू को मृत घोषित कर दिया गया है, जबकि उनके पिता कालीचरण का इलाज जारी है।












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