Rajasthan Politics: कौन हैं Mewaram Jain जिनकी कांग्रेस में वापसी से पार्टी में आया भूचाल? जानें विवाद की वजह
Rajasthan Politics Mewaram Jain: राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के अंदर की फूट मेवाराम जैन की वजह से फिर से सतह पर आ गई है। पूर्व विधायक जैन की पार्टी में वापसी ने पार्टी के अंदर की गुटबाजी सामने ला दी है। कांग्रेस की रणनीति जहां इसे संगठन को मजबूत करने का कदम बता रही है, वहीं पार्टी के भीतर और बाहर कई नेताओं ने इस फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जैन की वापसी को बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र में कांग्रेस को मजबूत करने के लिहाज से अहम कदम बताया गया है।
मेवाराम जैन का कथित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया था। उन्हें फिर से कांग्रेस में शामिल किए जाने पर सबसे कड़ा विरोध बाड़मेर क्षेत्र के कद्दावर नेता हरीश चौधरी और हेमाराम चौधरी गुट कर रहा है। हालांकि, इसे दरकिनार कर पूर्व सीएम अशोक गहलोत की दखल से जैन की पार्टी में वापसी हो गई है।

Mewaram Jain का विवादों से रहा है पुराना नाता
72 साल के मेवाराम जैन बाड़मेर-जैसलमेर की राजनीति का बड़ा नाम हैं। वह प्रदेश कांग्रेस के कद्दावर चेहरों में शुमार किए जाते रहे हैं। दो बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं। 2008 से 2023 तक वह बाड़मेर विधानसभा से विधायक रहे थे। आखिरी बार उन्हें बीजेपी की प्रियंका चौधरी के हाथों शिकस्त मिली थी। साल 2024 में एक अश्लील वीडियो सामने आने के बाद उन्हें कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। मेवाराम जैन और उनके 7 सहयोगियों पर एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी के साथ रेप के आरोप में केस दर्ज किया गया था।
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बाड़मेर क्षेत्र में कांग्रेस के अंदर जैन बनाम चौधरी के बीच दबदबे की जंग रही है। मेवाराम जैन की पार्टी में वापसी से सबसे बड़ा झटका हरीश चौधरी और हेमाराम चौधरी के गुट को लगा है। सूत्रों के मुताबिक, जैन की वापसी की कोशिश में खुद अशोक गहलोत ने पहल की है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद ही सेना सम्मान समारोह में उनकी वापसी की स्क्रिप्ट तैयार की गई थी, लेकिन स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद उसे टालना पड़ा था।
Rajasthan Politics में मेवाराम जैन का रहा है विवादित सफर
मेवाराम जैन पर विधायक रहने के दौरान पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगा था। उन पर खनन घोटाले में शामिल रहने को लेकर आरोप लगे थे। इसके अलावा, उनके अंदर बाड़मेर क्षेत्र में पार्टी के अंदर गुटबाजी करने और शीर्ष नेतृत्व के आदेशों की अनदेखी जैसे आरोप खुद कांग्रेस कार्यकर्ता लगाते रहे हैं। हालांकि, अशोक गहलोत ने उनकी वापसी को सही ठहराते हुए कार्यकर्ताओं से पुरानी बातें भूलकर एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करने की अपील की है।
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