शतक नहीं बनने को लेकर वैभव सूर्यवंशी ने तोड़ी चुप्पी, गेल के रिकॉर्ड से जरूरी चीज का किया खुलासा
Vaibhav Sooryavanshi: राजस्थान रॉयल्स ने नॉकआउट मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को चारों खाने चित करते हुए टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस जीत के असली हीरो रहे महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी से मैदान पर कोहराम मचा दिया। उनकी इस बेखौफ पारी की बदौलत राजस्थान ने अगले दौर का टिकट कटाया, जहां अब उनका सामना गुजरात से होगा।
सलामी बल्लेबाजी करने उतरे वैभव ने हैदराबाद के गेंदबाजों को रिमांड पर लेते हुए सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन कूट डाले। इस दौरान उन्होंने स्टेडियम के हर कोने में 12 शानदार छक्के लगाए। हालांकि, क्रिकेट फैंस को मलाल रहेगा कि वह क्रिस गेल के 30 गेंदों वाले ऐतिहासिक सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड को तोड़ने से महज तीन रन पहले आउट हो गए।

वैभव ने किया बड़ा खुलासा
इस जादुई आंकड़े के बेहद करीब आकर आउट होने पर इस युवा खिलाड़ी ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया। वैभव ने कहा कि जब वह क्रीज पर थे, तो उन्हें किसी रिकॉर्ड की भनक तक नहीं थी। उनका एकमात्र लक्ष्य गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाना था। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य में वह टीम के लिए कई शतक बनाएंगे। वैभव का कहना था कि फ़िलहाल उनका ध्यान तो यही है कि कैसे टीम को ट्रॉफी दिलाई जाए, उनके अनुसार आउट होने के बाद भी रिकॉर्ड के बारे में नहीं पता था।
छक्कों में बन गए टॉप
भले ही वह सबसे तेज शतक की लिस्ट में गेल से पीछे रह गए, लेकिन उन्होंने एक सीजन में सर्वाधिक 65 छक्के उड़ाकर 'यूनिवर्स बॉस' का एक दूसरा कीर्तिमान ध्वस्त कर दिया। वैभव के इस निडर अंदाज पर कप्तान रियान पराग ने कहा कि टीम मैनेजमेंट इस खिलाड़ी को बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी का स्वाभाविक खेल खेलने की पूरी आजादी देता है।
कमिंस भी काफी प्रभावित हुए
वहीं, विपक्षी कप्तान पैट कमिंस ने भी इस हार के बाद घुटने टेकते हुए वैभव की काबिलियत का लोहा माना। कमिंस ने कहा कि जब कोई बल्लेबाज ऐसी फॉर्म में हो, तो यॉर्कर मिस होते ही सजा मिलना तय है। हैदराबाद की टीम 244 रनों के विशाल लक्ष्य के दबाव में बिखर गई और समय पर साझेदारियां न होना उन्हें भारी पड़ा।












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